Categories: हेल्थ

पीरियड्स रोकने के लिए खाई दवा, लड़की ने गंवानी पड़ी अपनी जान, जानें कितनी खतरनाक है ये दवाई?

DVT death pill : एक लड़की ने केवल पूजा में शामिल होने के लिए अपनी पीरियड को तीन दिन के लिए रोकने वाली हार्मोनल गोली का सेवन किया था। जिसके बाद जांघ में दर्द होने लगा और उसकी मौत हो गई।

Published by Preeti Rajput

Young girl DVT death pill :  एक लड़की ने अपने पीरियड्स को रोकने के लिए कुछ हार्मोनल दवाइयों का सेवन कर लिया। जिसके बाद उसको डीप वेन थ्रोंबोसिस हो गया, इस बीमारी के कारण लड़की की जान चली गई। लड़की को डॉक्टर के पास भी ले जाया गया था। लेकिन डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में भर्ती करने के लिए कह दिया। 18 साल की उस लड़की की हालत काफी गंभीर थी। लेकिन लड़की के घरवालों ने उसे समय रहते अस्पताल में भर्ती नहीं कराया, जिसके बाद अगली सुबह उसकी मौत हो गई। 

Related Post

कैसे हुई लड़की की मौत?

दरअसल इस लड़की ने केवल पूजा में शामिल होने के लिए अपनी पीरियड को तीन दिन के लिए रोकने वाली हार्मोनल गोली का सेवन किया था। जिसके बाद जांघ में दर्द होने लगा। दर्द इतना ज्यादा था कि वह क्लिनिक पहुंची गई। डॉक्टरों ने जांच कि तो दर्द का कारण डीप वेन थ्रोम्बोसिस पाया गया। जांच पर डॉक्टर्स को पता लगा कि एक खून का थक्का  जांघ से लेकर नाभि तक फैला हुआ था। जिसके बाद डॉ. विवेकानंद ने तत्काल इलाज की सलाह दी। लेकिन परिवार ने इलाज में लापरवाही कर दी। रात में लड़की सांस भी ठीक तरीके से नहीं ले पा रही थी। जिसके चलते उसकी मौत हो गई।

कब होता है डीप पेन थ्रोंबोसिस?

बता दें कि डीप पेन थ्रोंबोसिस तब होता है जब नसों में खून का थक्का जम जाता है। यह खासतौर पर पैरों में होता है। ये खतरनाक तब हो जाता है जब यह शरीर में चल रहा बल्ड फ्लो रोक देता है। यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। पीरियड्स को रोकने के लिए ली गईं दवाइयों के कारण इस बीमारी का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। पीड़ित मरीज को पल्मोनरी एम्बोलिज्म होने के बाद उसकी जान जा सकती है। यह तब होता है जब DVT फेफड़ों तक पहुंच जाता है। इसके कारण मरीज को सीने में तेज दर्द होने लगता है। इसके कारण सूजन, दर्द और घाव भी हो सकते हैं।

DVT अधिक खतरनाक कब होता है?

  • हार्मोनल contraceptive लेने वाली महिलाएं में खतरा
  • मोटापा, धूम्रपान, और अधिक बेड रेस्ट
  • गर्भावस्था और प्रसव के बाद
  • पारिवारिक हिस्ट्री से भी थ्रोंबोसिस हो सकता है

सब पूछेंगे सेहत और ग्लो का राज, अगर रोज करेंगे इस ड्रिंक का आगाज

DVT के लक्षण जाने यहां
  • जांघ में सूजन और दर्द
  • फेफड़ों में थक्के का जमा होना
  • छाती में तेज दर्द
  • सांस फूलना या बेहोशी
Disclaimer: इनखबर इस लेख में सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए बता रहा हैं। इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
Preeti Rajput
Published by Preeti Rajput

Recent Posts

सभी व्यापार समझौतों की जननी – भारत-ईयू के लिए एक विशाल छलांग

नई दिल्ली, जनवरी 30: भारत और ईयू मिलकर 2 अरब लोगों, वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा हैं। दोनों देशों के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक विशाल कदम है। जबकि व्यापार चर्चा लगभग दो दशकों से हो रही थी, 2022 से अधिक गहन चर्चा शुरू हुई और 27 जनवरी 2026 को संपन्न हुई। भू-राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव डॉ. विकास गुप्ता, सीईओ और मुख्य निवेश रणनीतिकार, ओमनीसाइंस कैपिटल के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को देखते हुए, भारत-ईयू एफटीए प्रतीकात्मक है क्योंकि भारत अमेरिका को निर्यात की जाने वाली अधिकांश वस्तुओं के लिए अन्य बाजार खोजने में सक्षम है। इसे चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन पहलों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। यह समझौता अमेरिका को पीछे धकेलेगा और दिखाता है कि भारत कृषि और डेयरी तक पहुंच पर समझौता नहीं करेगा क्योंकि बड़ी किसान आबादी इन क्षेत्रों पर निर्भर है। सकारात्मक रूप से लिया जाए तो यह दर्शाता है कि भारत उच्च-स्तरीय उत्पादों, जैसे वाइन, या विशिष्ट कृषि उत्पादों, जैसे कीवी आदि तक पहुंच देने के लिए तैयार है। यह एक टेम्पलेट हो सकता है जिसके साथ भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो सकता है। समझौते की मुख्य विशेषताएं ईयू के दृष्टिकोण के अनुसार, ईयू द्वारा निर्यात की जाने वाली 96% वस्तुओं पर कम या शून्य टैरिफ होगा, जबकि भारतीय दृष्टिकोण यह है कि 99% भारतीय निर्यात को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलेगी। लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्र फुटवियर, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण एफटीए से कई भारतीय क्षेत्रों को लाभ होने की संभावना है। ईयू लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के फुटवियर और चमड़े के सामान का आयात करता है। वर्तमान में, भारत इस श्रेणी में ईयू को लगभग 2.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है। समझौता लागू होने के तुरंत बाद टैरिफ को 17% तक उच्च से घटाकर शून्य कर दिया जाएगा। इससे समय के साथ भारतीय कंपनियों को बड़ा बाजार हिस्सा हासिल करने में सहायता मिलनी चाहिए। एक अन्य क्षेत्र समुद्री उत्पाद है (26% तक टैरिफ कम किए जाएंगे) जो 53 अरब डॉलर का बाजार खोलता है जिसका वर्तमान निर्यात मूल्य केवल 1 अरब डॉलर है। रत्न और आभूषण क्षेत्र जो वर्तमान में ईयू को 2.7 अरब डॉलर का निर्यात करता है, ईयू में 79 अरब डॉलर के आयात बाजार को लक्षित कर सकेगा। परिधान, वस्त्र, प्लास्टिक, रसायन और अन्य विनिर्माण क्षेत्र परिधान और वस्त्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत को शून्य टैरिफ और 263 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार तक पहुंच मिल सकती है। वर्तमान में, भारत ईयू को 7 अरब डॉलर का निर्यात करता है। यह इस क्षेत्र में भारतीय निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा हो सकता है। प्लास्टिक और रबर एक अन्य ईयू आयात बाजार है जिसकी कीमत 317 अरब डॉलर है जिसमें भारत की वर्तमान हिस्सेदारी केवल 2.4 अरब डॉलर है। रसायन एक अन्य क्षेत्र है जो 500 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार के लायक है जहां भारत को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलती है।…

January 30, 2026

एसएससी एमटीएस हवलदार सिटी इंटिमेशन स्लिप 2025 जारी, यहां जानें परीक्षा की तारीख और डाउनलोड करने का तरीका

SSC MTS exam date 2026: भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में कुल…

January 30, 2026

UPSC IPS Story: कौन है IPS आकाश कुलहरि, जिन्होंने पहली बार में क्रैक किया UPSC, जानें उनकी कहानी

UPSC IPS Story: IPS आकाश कुलहरि की कहानी दिखाती है कि कमजोर शुरुआत भी सफलता…

January 30, 2026

Vishavdeep Singh Attri: कौन है मेजर विश्वदीप सिंह अत्री, जिन्हें मिला जीवन रक्षा पदक, क्या है इसकी वजह?

Indian Army Story: भारतीय सेना के मेजर विश्वदीप सिंह अत्री इन दिनों चर्चा में है.…

January 30, 2026