भारत नहीं बल्कि ये है दुनिया का सबसे सेक्युलर देश, जानें किस धर्म को मानते हैं यहां के लोग?

Secular Nations: डेनमार्क भी लूथरन ईसाई धर्म में गहराई से निहित है, लेकिन यहां के लोग धार्मिक अनुष्ठानों में धार्मिक विश्वास के कारण नहीं, बल्कि परंपरा के कारण भाग लेते हैं.

Published by Shubahm Srivastava

Secularism In Countries: भारत में धर्मनिरपेक्षता (secularism) को लेकर अकसर चर्चा होती रहती है. खास करके राजनीतिक पार्टियां अपनी सहुलियत को देखकर इसका इस्तेमाल करती आई हैं. लेकिन ये वो सिद्धांत है जो व्यक्तियों को अपने धर्म का पालन निजी मामले के रूप में करने की स्वतंत्रता देता है और यह सुनिश्चित करता है कि धर्म समाज के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहलुओं में हस्तक्षेप न करें. आज, दुनिया भर के कई देशों ने धर्मनिरपेक्ष नीतियों को अपनाया है, लेकिन स्वीडन इस दिशा में सबसे आगे है.

स्वीडन – सबसे धर्मनिरपेक्ष देश

स्वीडन को दुनिया का सबसे धर्मनिरपेक्ष देश माना जाता है. हालांकि यहां के अधिकांश लोग लूथरन चर्च के सदस्य हैं, फिर भी धर्म को एक सांस्कृतिक परंपरा के रूप में देखा जाता है, न कि एक विश्वास के रूप में. स्वीडिश समाज में शिक्षा, राजनीति और नीति-निर्माण पर धर्म का कोई प्रभाव नहीं है. धार्मिक मान्यताओं की तुलना में समानता, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी जाती है. यही कारण है कि स्वीडन सार्वजनिक जीवन में पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष बना हुआ है.

क्या है लाइम रोग? जिसने जस्टिन बीबर और जस्टिन टिंबरलेक जैसी हस्तियों को दे दी खतरनाक बीमारी; वैज्ञानिकों के भी फूले हाथ पैर

Related Post

डेनमार्क और आइसलैंड – धर्मनिरपेक्षता के उदाहरण

डेनमार्क भी लूथरन ईसाई धर्म में गहराई से निहित है, लेकिन यहां के लोग धार्मिक अनुष्ठानों में धार्मिक विश्वास के कारण नहीं, बल्कि परंपरा के कारण भाग लेते हैं. शिक्षा, कानून और सामाजिक नीतियों के माध्यम से धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बढ़ावा दिया गया है. इसी प्रकार, आइसलैंड, एक छोटा देश होने के बावजूद, धर्मनिरपेक्षता का एक सशक्त उदाहरण है. हालांकि इसका राष्ट्रीय चर्च लूथरन है, फिर भी धार्मिक विश्वास लोगों के दैनिक जीवन में लगभग कोई भूमिका नहीं निभाते. यहां, धर्म मुख्यतः सांस्कृतिक पहचान का एक हिस्सा है, न कि राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव.

भारत की स्थिति

भारत का संविधान धर्मनिरपेक्षता की गारंटी देता है और सभी धर्मों को समान मानता है. फिर भी, भारत का 77.8 स्कोर इसे दुनिया के सबसे धर्मनिरपेक्ष देशों की सूची में निचले पायदान पर है. भारत में धर्म और राज्य के बीच पूर्ण अलगाव नहीं है; बल्कि, इसकी संरचना विविधता और सह-अस्तित्व के सिद्धांत पर आधारित है. धार्मिक स्वतंत्रता कायम है, लेकिन सांस्कृतिक परंपराएं और सामाजिक संरचना राजनीति और समाज में धर्म को प्रभावित करती रहती हैं.

हर दिन भारत में इतने लोग सोते हैं भूखे, आकड़ा जान नहीं होगा विश्वास; जान लें इसके पीछे की वजह

Shubahm Srivastava
Published by Shubahm Srivastava

Recent Posts

Papamochani Ekadashi 2026: कब है पापमोचनी एकादशी 14 या 15, जानें पूजा विधि और मुहूर्त

Papamochani Ekadashi 2026: मार्च 2026 में पापमोचनी और कामदा एकादशी हैं. भक्त इस दिन व्रत…

March 6, 2026

Salman Khan: भाईजान का Aura! सेट पर 10 घंटे लेट पहुंचे थे सलमान, इंतजार करते-करते भड़क उठी ये को-स्टार

Salman Khan: सलमान खान सिर्फ़ अपने ऑन-स्क्रीन ऑरा और मैजिक के लिए ही नहीं जाने…

March 6, 2026

विरोधियों ने तलाश ली सूर्यकुमार यादव की सबसे बड़ी कमजोरी, क्या फाइनल में कप्तान बनेंगे विलेन?

Suryakumar Yadav T20 World Cup 2026: सूर्यकुमार यादव की अमेरिका के खिलाफ मुकाबले में छोड़…

March 6, 2026

Online Traffic Challan Payment: जानिए घर बैठे ही मिनटों में ट्रैफिक चालान कैसे चुकाएं-जानें स्टेप बॉय स्टेप ऑनलाइन तरीका

Online Traffic Challan Payment: भारत में ट्रैफिक चालान अब ऑनलाइन चुकाया जा सकता है. आधिकारिक…

March 6, 2026

Gold Price March 6: आज 6 मार्च को कैसा है सोने का हाल, दाम गिरे या बढे, जानें यहां?

Gold Price March 6: आज अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो हम…

March 6, 2026

Nepal Election 2026 Results Live Updates: नेपाल की 165 सीटों  पर मतगणना जारी; पूर्व पीएम पिछड़े; बालेन शाह ने चौंकाया

Nepal Election 2026 Results Live Updates: हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स के इस चुनाव में लगभग 60…

March 6, 2026