ट्रेन की छत पर लगे छोटे प्लेट्स आखिर क्यों होते हैं, जानिए क्या होता है इनका काम; क्यों हैं इतने महत्वपूर्ण?

Indian Railway Interesting facts: ये प्लेट्स केवल डिजाइन का हिस्सा नहीं होतीं, बल्कि इनका बहुत अहम काम होता है. दरअसल, इन्हें ‘रूफ वेंटिलेटर’ कहा जाता है.

Published by Shubahm Srivastava

Round-shaped lids on Train coaches: भारत में आज भी लंबी दूरी की यात्रा के लिए बड़ी आबादी ट्रेन को सबसे भरोसेमंद साधन मानती है. रोजाना लाखों लोग गांव, शहर, दूसरे राज्यों में बसे रिश्तेदारों से मिलने या ऑफिस आने-जाने के लिए ट्रेन से सफर करते हैं. आम आदमी से लेकर नौकरीपेशा और व्यापारियों तक, भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा बना हुआ है. हालांकि ट्रेन से जुड़े कई ऐसे तकनीकी पहलू हैं, जिन पर यात्री आमतौर पर ध्यान नहीं देते. ऐसा ही एक दिलचस्प पहलू है ट्रेन के कोच की छत पर लगे छोटे-छोटे प्लेट्स, जिन्हें ज्यादातर लोग देख तो लेते हैं, लेकिन उनका असली काम नहीं जानते.

ट्रेन के डिब्बे पर उभरी हुई प्लेट्स

अगर आपने कभी किसी ब्रिज से नीचे खड़ी ट्रेन को ध्यान से देखा हो, तो कोच की छत पर कुछ उभरी हुई प्लेट्स जरूर नजर आई होंगी. ये प्लेट्स केवल डिजाइन का हिस्सा नहीं होतीं, बल्कि इनका बहुत अहम काम होता है. दरअसल, इन्हें ‘रूफ वेंटिलेटर’ कहा जाता है. इनका मुख्य उद्देश्य कोच के अंदर जमा होने वाली गर्म हवा, भाप और उमस को बाहर निकालना होता है. खासतौर पर भीड़भाड़ वाले सफर में जब कोच के अंदर तापमान बढ़ जाता है, तब ये रूफ वेंटिलेटर अंदर के माहौल को संतुलित रखने में मदद करते हैं.

क्या 6 घंटे की नींद लेना काफी? बदल देगी लाइफस्टाइल या बना देगी बीमारियों का घर, क्या कहते हैं आयुष्मान खुराना के डॉक्टर

Related Post

क्या काम करती हैं ये प्लेट्स

रूफ वेंटिलेटर ट्रेन के अंदर ताजी हवा के प्रवेश और गंदी हवा के बाहर निकलने की प्राकृतिक व्यवस्था का हिस्सा होते हैं. कोच की छत के अंदर की ओर छोटे जालीदार छेद बने होते हैं. जब यात्रियों की वजह से या मौसम के कारण अंदर गर्मी और भाप बनती है, तो हल्की हवा ऊपर की ओर उठती है. यह गर्म हवा इन जालीदार छेदों से होकर रूफ वेंटिलेटर तक पहुंचती है और फिर कोच के बाहर निकल जाती है. इस प्रक्रिया से अंदर की हवा हल्की और सांस लेने लायक बनी रहती है.

सुविधा और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी तकनीकी फीचर

इसके अलावा, रूफ वेंटिलेटर इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि बारिश का पानी कोच के अंदर न जा सके. यानी ये हवा के प्रवाह को बनाए रखते हैं, लेकिन पानी को अंदर आने से रोकते हैं. ट्रेन की छत पर लगे ये छोटे प्लेट्स यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े एक बेहद जरूरी तकनीकी फीचर हैं. भले ही ये देखने में मामूली लगते हों, लेकिन आरामदायक और सुरक्षित रेल यात्रा में इनकी भूमिका काफी अहम होती है.

सांप ने काटा? मिनटों में पता लगाओ! कर्नाटक में बनी रैपिड टेस्ट किट, गांव में बचाएगी जान

Shubahm Srivastava

Recent Posts

क्या माघ मेले में वापसी करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद? पूर्णिमा स्नान से पहले शंकराचार्य ने दी बड़ी चेतावनी

Magh Mela: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के करीबी सूत्रों से बड़ी खबर…

January 29, 2026

14 साल में IIT, 24 में अमेरिका से PhD…बिहार के सत्यम कुमार की सफलता की कहानी; जानें किसान का बेटा कैसे बना एआई रिसर्चर?

Satyam Kumar Success Story: सत्यम कुमार ने IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech–M.Tech डुअल…

January 29, 2026

8th Pay Commission पर बजट से पहले अहम कदम, सैलरी-पेंशन में बदलाव की आहट, फिटमेंट फैक्टर पर नजर

8th Pay Commission BIG Update: जनवरी खत्म होने ही वाला है. फरवरी की शुरूआत यूनियन…

January 29, 2026

Wings India 2026 में IGI बना ‘एयरपोर्ट ऑफ द ईयर’, दिल्ली एयरपोर्ट कब बना, कैसे बना-क्यों है दुनिया में मशहूर?

Indira Gandhi International Airport: आज का दिन भारतीय एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी पहचान…

January 29, 2026