Rose Therapy: आपने अक्सर इस बात को नोटिस किया होगा कि जैसे ही आप लाल गुलाब देखते हैं, मन अपने-आप हल्का और खुश सा हो जाता है. आम दिनों में शायद इतना नहीं लेकिन Rose Day पर तो ये एहसास और भी गहरा होता है. असल में ये सिर्फ भावना नहीं, बल्कि दिमाग की एक नेचुरल रिएक्शन है. गुलाब का रंग, उसकी खुशबू और उससे जुड़ी यादें हमारे दिमाग को पॉजिटिव सिग्नल भेजती हैं. लाल गुलाब प्यार, अपनापन और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. जब दिमाग इन संकेतों को पहचानता है, तो वो खतरे या तनाव की बजाय आराम और खुशी की स्थिति में चला जाता है. इसलिए गुलाब देखते ही मूड थोड़ा बेहतर हो जाता है, बिना किसी खास वजह के.
आखिर क्या है Rose Therapy?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Rose Therapy का मतलब फूलों, खासकर गुलाब, के जरिए मन को शांत और संतुलित करना है. यह कोई जादू नहीं बल्कि एक तरह की नेचुरल थेरेपी है. इसमें गुलाब को देखना, उसकी खुशबू लेना, गुलाब के पास समय बिताना या गुलाब से जुड़ी एक्टिविटीज़ (जैसे बागवानी) शामिल होती हैं. आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में जहां स्ट्रेस, एंग्जायटी और ओवरथिंकिंग आम हो गई है, वहां Rose Therapy एक सॉफ्ट और सेफ तरीका है. Valentine’s Day और Rose Day जैसे मौके पर जब लोग गुलाब एक्सचेंज करते हैं, तो अनजाने में वो एक-दूसरे के मूड और मानसिक स्थिति पर पॉजिटिव असर डाल रहे होते हैं.
कैसे सुकून है गुलाब
जब हम लाल गुलाब देखते या उसकी खुशबू को महसूस करते हैं, तो दिमाग में डोपामिन, सेरोटोनिन और ऑक्सिटोसिन जैसे “हैप्पी हार्मोन” रिलीज़ होते हैं. डोपामिन खुशी और मोटिवेशन से जुड़ा होता है, सेरोटोनिन मन को स्थिर और शांत रखता है, जबकि ऑक्सिटोसिन को “लव हार्मोन” कहा जाता है. यही हार्मोन हमें रिलैक्स, सुरक्षित और भावनात्मक रूप से संतुलित महसूस कराते हैं. गुलाब की खुशबू दिमाग के उस हिस्से को एक्टिव करती है जो यादों और भावनाओं से जुड़ा होता है. इसलिए कई बार गुलाब देखकर किसी खास इंसान या मीठी याद का ख्याल आ जाता है और मन अपने-आप सुकून महसूस करता है.
लाल रंग का मन पर सीधा असर
Rose Therapy में सिर्फ खुशबू ही नहीं, बल्कि लाल रंग भी बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. लाल रंग एनर्जी, प्यार और जीवन शक्ति का प्रतीक है. साइकोलॉजी के अनुसार लाल रंग दिमाग को एक्टिव करता है और अंदर छिपी पॉजिटिव भावनाओं को बाहर लाता है. जब हम लाल गुलाब देखते हैं, तो दिमाग उसे खतरे की बजाय रोमांस और अपनापन समझता है. यही वजह है कि Valentine’s Day पर लाल गुलाब सबसे ज्यादा दिए जाते हैं. यह रंग दिल की धड़कन को संतुलित करता है और भावनाओं में गर्माहट लाता है, जिससे अकेलापन और उदासी कम महसूस होती है.
स्ट्रेस और एंग्जायटी से राहत
Rose Therapy का सबसे बड़ा फायदा है स्ट्रेस रिडक्शन. गुलाब की खुशबू दिमाग में मौजूद कोर्टिसोल (Stress Hormone) को कम करने में मदद करती है. जब कोर्टिसोल घटता है, तो शरीर रिलैक्स मोड में चला जाता है. यही वजह है कि कई स्पा और मेडिटेशन सेंटर्स में रोज़ ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है. अगर आप रोज़ कुछ मिनट गुलाब के पास बैठें, उसकी खुशबू लें या बस उसे देखें, तो ओवरथिंकिंग धीरे-धीरे कम हो सकती है. Rose Day पर गुलाब देना या पाना सिर्फ रोमांटिक जेस्चर नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी एक छोटा-सा गिफ्ट है.
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क्या सच में फूल मन को ठीक कर सकते हैं?
फूल किसी दवाई की तरह बीमारी “ठीक” नहीं करते, लेकिन वे मन को सहारा जरूर देते हैं. Rose Therapy हमें सिखाती है कि खुशी और शांति हमेशा बड़ी चीज़ों से नहीं आती, कभी-कभी एक छोटा-सा फूल भी काफी होता है. गुलाब हमें वर्तमान में जीना सिखाता है – उसकी खूबसूरती, खुशबू और नाजुकपन हमें धीमा होने का एहसास कराते हैं. Valentine’s Day और Rose Day पर जब आप गुलाब दें या पाएं, तो उसे सिर्फ फूल न समझें, बल्कि एक नेचुरल मूड-हीलर मानें. शायद इसी वजह से सदियों से गुलाब प्यार, सुकून और भावनात्मक संतुलन का सबसे खूबसूरत प्रतीक बना हुआ है.

