अगर पिघल जाए धरती की सारी बर्फ, तो भारत के कौन से राज्य डूबेंगे सबसे पहले

अगर पूरी धरती की बर्फ (Ice Melt) पिघल जाए तो समुद्र (Ocean) का स्तर 70 मीटर तक बढ़ जाएगा. जानिए भारत के कौन से राज्य और बड़े शहर सबसे पहले पानी में समा (Immersed in water) जाएंगे.

Published by DARSHNA DEEP

General Knowledge News: क्या आपने पहले कभी सोचा है, अगर एक दिन धरती की सारी बर्फ पिघल जाए, तो क्या हम इस धरती पर वैसे ही रह पाएंगे जैसे आज रहते हैं ? इसका सीधा-सीधा जवाब है नहीं. तो आइए जानते हैं अगर ऐसा हुआ तो क्या कुछ हो सकता है. 

क्या होगा अगर सारी बर्फ पिघल जाए ?

हांलाकि, यह सोचने वाली बात है कि अगर धरती की सारी बर्फ पिघल जाए को पृथ्वी का क्या होगा. समुद्र का स्तर इतना बढ़ जाएगा कि देश, शहर और सभ्यताएं इतिहास के पन्नों में खो जाएंगी. दरअसल, धरती के ग्लेशियरों, हिमखंडों और ध्रुवीय बर्फ की चादरों में इतनी बर्फ जमा है कि अगर वह सब एक साथ ही पिघल गए, तो समुद्र का स्तर लगभग 70 मीटर (230 फीट) तक बढ़ जाएगा. जिसका सीधा मतलब है कि हर तटीय शहर बड़े ही आसानी से डूब जाएंगे और हर महाद्वीप का नक्शा पूरी तरह से बदल जाएगा. 

ऐसा होने पर क्या कहते हैं वैज्ञानिक ?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह प्रक्रिया सैकड़ों सालों में संभव है, लेकिन ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन की तेजी से बढ़ती रफ्तार इस दिशा में खतरे की घंटी बजा सकती है. 

भारत के कौन से राज्य सबसे पहले डूबेंगे ?

अगर सारी बर्फ पिघल गई तो भारत का तटीय नक्शा सबसे पहले पूरी तरह से बदल जाएगा. जिसमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल सबसे पहले प्रभावित होंगे. उसके बाद कोलकाता, चेन्नई, विशाखापट्टनम, कोच्चि और कटक जैसे बड़े शहर पूरी तरह से पानी में समा जाएंगे. इतना ही नहीं गुजरात का कच्छ और मुंबई का निचला हिस्सा भी समुद्र में डूब जाएगा. तो वहीं दूसरी तरफ सुंदरबन का पूरा क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो जाएगा और इसके साथ ही लाखों लोग विस्थापित हो जाएंगे. 

दुनिया के कौन से इलाके हो जाएंगे खत्म जाएंगे ?

न्यूयॉर्क, एम्स्टर्डम, फ्लोरिडा, सैन फ्रांसिस्को, शंघाई जैसे तटीय शहर धरती से पूरी तरह से गायब हो जाएंगे. तो वहीं, मालदीव, फिजी और श्रीलंका जैसे द्वीप देशों का अस्तित्व भी खत्म हो जाएगा. और समुद्र का बढ़ता तापमान और खारापन कोरल रीफ और समुद्री जीवों को पूरी तरह से खत्म कर देगा. 

कितना खतरनाक होगा धरती पर इसका असर ?

धरती के कई हिस्से रहने लायक नहीं रहेंगे. बाढ़, सूखा, चक्रवात और चरम गर्मी लगातार बढ़ती ही जाएगी. सैकड़ों की संख्या में लोग अपने घर से बेघर हो जाएंगे और एक बड़े पैमाने पर क्लाइमेट माइग्रेशन शुरू हो जाएगा. तो वहीं,पानी और भूमि के लिए संघर्ष बढ़ेगा, और मानव समाज पर असर विनाशकारी देखने को मिलेगा. 

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