Rashmika Mandanna: फिल्मों और ब्रांड कैंपेन की बिजी लाइफ के बावजूद रश्मिका मंदाना अपनी फिटनेस को लेकर काफी सीरियस रहती हैं. वो नियमित डाइट फॉलो करती हैं ताकि अपनी फिटनेस बनाए रख सकें. लेकिन इसके साथ-साथ उनके खाने की पसंद काफी दिलचस्प और कभी-कभी अजीब भी मानी जाती है.
रश्मिका को अलग-अलग स्वाद और टेक्सचर को मिलाकर खाने का शौक बचपन से रहा है. उन्होंने एक बातचीत में बताया कि वो अक्सर ऐसे कॉम्बिनेशन बनाती थीं जिन्हें देखकर लोग हैरान हो जाते थे. उदाहरण के तौर पर चिप्स के साथ दही-चावल या फिर चिप्स के साथ मैगी खाना उन्हें पसंद था. उनके पिता मजाक में कहते थे कि उनकी बेटी खाने के अजीब-अजीब मिश्रण बनाने में भी ‘टैलेंटेड’ है.
स्वाद के पीछे छिपा विज्ञान
विशेषज्ञों के अनुसार अजीब लगने वाले फूड कॉम्बिनेशन के पीछे सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि विज्ञान भी काम करता है. हमारी जीभ के स्वाद रिसेप्टर्स और नाक से महसूस होने वाली खुशबू मिलकर किसी खाने का पूरा एक्सपीरिएंस बनाते हैं.
कभी-कभी दो अलग स्वाद मिलकर एक नया और ज्यादा रोचक फ्लेवर बना देते हैं. उदाहरण के लिए, नमकीन फ्राइज के साथ मीठा मिल्कशेक लेने से मिठास और नमकीनपन का स्वाद को और गहरा हो जाता है. यही कारण है कि कई ‘अनोखे’ कॉम्बिनेशन लोगों को पसंद आने लगते हैं.
बचपन की यादें भी बनाती हैं पसंद
खाने की पसंद का संबंध हमारे एक्सपीरिएंस और यादों से भी जुड़ा होता है. अगर कोई व्यक्ति बचपन से किसी खास और अलग तरह के कॉम्बिनेशन का आनंद लेता आया है, तो वही स्वाद उसके लिए आराम और खुशी की भावना से जुड़ जाता है.
यही वजह है कि कई लोगों को मूंगफली का मक्खन और अचार जैसे असामान्य कॉम्बिनेशन भी पसंद आते हैं. स्वाद के साथ जुड़ी पुरानी यादें उस खाने को और आकर्षक बना देती हैं. इसी तरह चिप्स के साथ दही-चावल या मसालेदार नूडल्स जैसे ऑप्शन बचपन की यादों और परिचित स्वाद की ओर इशारा करते हैं.
पर्सनैलिटी का भी होता है असर
हमारी पर्सनैलिटी भी तय करती है कि हमें ऐसे कॉम्बिनेशन पसंद आएंगे या नहीं. जो लोग नए एक्सपीरिएंस को अपनाने में विश्वास रखते हैं और रोमांच पसंद करते हैं, वे नए-नए स्वाद आजमाने में ज्यादा रुचि दिखाते हैं. उनके लिए अजीब लगने वाले फूड कॉम्बिनेशन भी एक दिलचस्प एक्सपीरिएंस बन जाते हैं.
वहीं दूसरी ओर, जो लोग नियमितता और परिचित चीजों को ज्यादा पसंद करते हैं, वे ऐसे प्रयोगों से दूरी बनाकर रखना चाहते हैं.

