Categories: मनोरंजन

पुष्पा पर टूटा दुखों का पहाड़, दिल के सबसे करीबी इस इंसान ने दुनिया को कहा अलविदा

Allu Arjun Grandmother Passed Away : अल्लू अर्जुन की दादी और निर्माता अल्लू अरविंद की मां अल्लू कनकरत्नम ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। उन्होंने 94 साल की उम्र में दम तोड़ दिया है।

Published by Preeti Rajput

Allu Arjun’s Grandmother Dies At 94:  साउथ एक्टर अल्लू अर्जुन पर दुखों का पहाड़ टूट चुका है। उनकी दादी और प्रसिद्ध तेलुगु निर्माता अल्लू अरविंद की मां अल्लू कनकरत्नम का शनिवार को निधन हो गया है। वह 94 साल की थीँ। जानकारी के मुताबिक, उनका अंतिम संस्कार कोकापेट के अरविंद निवास पर होने वाला है। उनके निधन की खबर सुनते ही पूरी साउथ इंडस्ट्री में शोक की लहर दोड़ गई है। पूरे तेलुगु इंडस्ट्री से अल्लू परिवार को शोक संवेदनाएं आ रही है। साउथ एक्टर राम चरण एक्शन फिल्म ‘पेड्डी’ की शूटिंग के लिए मैसूर गए हुए थे। लेकिन निधन की खबर सुनते ही वह अपनी शूटिंग छोड़ वापस हैदराबाद लौट आए हैं। 

चिरंजीवी ने दी श्रद्धांजलि

तमाम सेलेब्स उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। चिरंजीवी ने भी उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- मेरी सास… यह बहुत दुखद है कि कीशे अल्लू रामलिंगैया की पत्नी कनकरत्नम्मा का निधन हो गया है। उन्होंने हमारे परिवारों के प्रति जो प्रेम, साहस और जीवन मूल्य दिखाए, वे सदैव हमारे लिए एक उदाहरण रहेंगे। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उनकी पवित्र आत्मा को शांति मिले। ॐ शांति

अल्लू अर्जुन के घर पहुंच रहे तमाम सेलेब्स

तमाम सेलेब्स अल्लू अर्जुन के घर पर पहुंच रहे हैं। इस दौरान अल्लू अर्जुन काफी भावुक नजर आ रहे हैं। राम चरण भी अल्लू अर्जुन के घर पहुंचे हैं। दोनों एक दूसरे को गले लगाकर दुख बांटते हुए नजर आए। एक्टर वेंकटेश भी इस दौरान नजर आए।  

A post shared by Kamlesh Nand (work) (@artistrybuzz_)

अल्लू कनकरत्नम ने शनिवार तड़के 1:45 बजे उम्र संबंधी बीमारियों के कारण अंतिम सांस ली। रिपोर्ट के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर कोकापेट में किया जाएगा। उनके पोते राम चरण मैसूर में अपनी फिल्म पेड्डी की शूटिंग में व्यस्त थे, लेकिन इस समय में अपने परिवार के साथ रहने के लिए शूटिंग छोड़कर हैदराबाद लौट आए।  

Preeti Rajput
Published by Preeti Rajput
Tags: Allu Arjun

Recent Posts

सभी व्यापार समझौतों की जननी – भारत-ईयू के लिए एक विशाल छलांग

नई दिल्ली, जनवरी 30: भारत और ईयू मिलकर 2 अरब लोगों, वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा हैं। दोनों देशों के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक विशाल कदम है। जबकि व्यापार चर्चा लगभग दो दशकों से हो रही थी, 2022 से अधिक गहन चर्चा शुरू हुई और 27 जनवरी 2026 को संपन्न हुई। भू-राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव डॉ. विकास गुप्ता, सीईओ और मुख्य निवेश रणनीतिकार, ओमनीसाइंस कैपिटल के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को देखते हुए, भारत-ईयू एफटीए प्रतीकात्मक है क्योंकि भारत अमेरिका को निर्यात की जाने वाली अधिकांश वस्तुओं के लिए अन्य बाजार खोजने में सक्षम है। इसे चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन पहलों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। यह समझौता अमेरिका को पीछे धकेलेगा और दिखाता है कि भारत कृषि और डेयरी तक पहुंच पर समझौता नहीं करेगा क्योंकि बड़ी किसान आबादी इन क्षेत्रों पर निर्भर है। सकारात्मक रूप से लिया जाए तो यह दर्शाता है कि भारत उच्च-स्तरीय उत्पादों, जैसे वाइन, या विशिष्ट कृषि उत्पादों, जैसे कीवी आदि तक पहुंच देने के लिए तैयार है। यह एक टेम्पलेट हो सकता है जिसके साथ भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो सकता है। समझौते की मुख्य विशेषताएं ईयू के दृष्टिकोण के अनुसार, ईयू द्वारा निर्यात की जाने वाली 96% वस्तुओं पर कम या शून्य टैरिफ होगा, जबकि भारतीय दृष्टिकोण यह है कि 99% भारतीय निर्यात को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलेगी। लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्र फुटवियर, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण एफटीए से कई भारतीय क्षेत्रों को लाभ होने की संभावना है। ईयू लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के फुटवियर और चमड़े के सामान का आयात करता है। वर्तमान में, भारत इस श्रेणी में ईयू को लगभग 2.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है। समझौता लागू होने के तुरंत बाद टैरिफ को 17% तक उच्च से घटाकर शून्य कर दिया जाएगा। इससे समय के साथ भारतीय कंपनियों को बड़ा बाजार हिस्सा हासिल करने में सहायता मिलनी चाहिए। एक अन्य क्षेत्र समुद्री उत्पाद है (26% तक टैरिफ कम किए जाएंगे) जो 53 अरब डॉलर का बाजार खोलता है जिसका वर्तमान निर्यात मूल्य केवल 1 अरब डॉलर है। रत्न और आभूषण क्षेत्र जो वर्तमान में ईयू को 2.7 अरब डॉलर का निर्यात करता है, ईयू में 79 अरब डॉलर के आयात बाजार को लक्षित कर सकेगा। परिधान, वस्त्र, प्लास्टिक, रसायन और अन्य विनिर्माण क्षेत्र परिधान और वस्त्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत को शून्य टैरिफ और 263 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार तक पहुंच मिल सकती है। वर्तमान में, भारत ईयू को 7 अरब डॉलर का निर्यात करता है। यह इस क्षेत्र में भारतीय निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा हो सकता है। प्लास्टिक और रबर एक अन्य ईयू आयात बाजार है जिसकी कीमत 317 अरब डॉलर है जिसमें भारत की वर्तमान हिस्सेदारी केवल 2.4 अरब डॉलर है। रसायन एक अन्य क्षेत्र है जो 500 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार के लायक है जहां भारत को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलती है।…

January 30, 2026

एसएससी एमटीएस हवलदार सिटी इंटिमेशन स्लिप 2025 जारी, यहां जानें परीक्षा की तारीख और डाउनलोड करने का तरीका

SSC MTS exam date 2026: भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में कुल…

January 30, 2026

UPSC IPS Story: कौन है IPS आकाश कुलहरि, जिन्होंने पहली बार में क्रैक किया UPSC, जानें उनकी कहानी

UPSC IPS Story: IPS आकाश कुलहरि की कहानी दिखाती है कि कमजोर शुरुआत भी सफलता…

January 30, 2026

Vishavdeep Singh Attri: कौन है मेजर विश्वदीप सिंह अत्री, जिन्हें मिला जीवन रक्षा पदक, क्या है इसकी वजह?

Indian Army Story: भारतीय सेना के मेजर विश्वदीप सिंह अत्री इन दिनों चर्चा में है.…

January 30, 2026