Nepotism Bollywood: प्रियंका चोपड़ा ने 2000 के शुरुआती वर्षों में हिंदी सिनेमा में कदम रखा था. उस दौर में ‘भाई-भतीजावाद’ शब्द भले ही आज जितना चर्चा में नहीं था, लेकिन इंडस्ट्री में उसका असर साफ दिखाई देता था. प्रियंका ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान अपने करियर के शुरुआती दिनों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें कई फिल्मों से बाहर कर दिया गया, क्योंकि निर्माता या अभिनेता किसी दूसरी अभिनेत्री को लेना चाहते थे और उनका फैसला ही अंतिम माना जाता था.
इस फिल्म से प्रियंका को हटाया गया था
उन्होंने एक खास घटना को याद किया, जब कॉन्ट्रैक्ट साइन करने के बावजूद उन्हें ‘सलाम-ए-इश्क’ फिल्म से हटा दिया गया था. प्रियंका के मुताबिक, उनके सह-कलाकार ने उनसे कहा था कि निर्देशक ने उन्हें फिल्म में लेकर “गलती” कर दी है, क्योंकि वह रोल किसी और अभिनेत्री को दिया जाना था. यह सुनकर वह हैरान रह गईं. उन्होंने बताया कि वह सोच रही थीं कि सह-कलाकार उनका हौसला बढ़ाने आए हैं, क्योंकि उनकी अगली फिल्म की शूटिंग शुरू होने वाली थी. लेकिन मुलाकात का मकसद कुछ और ही निकला.
डायरेक्टर ने गलती से तुम्हें यह फिल्म दे दी
प्रियंका ने बताया कि उस अभिनेता ने उनसे कहा, “डायरेक्टर ने गलती से तुम्हें यह फिल्म दे दी. यह रोल किसी और को मिलना था. हम भविष्य में साथ काम करेंगे, चिंता मत करो. मैं सिर्फ तुम्हें यह बताने आया था.” इसके बाद वह खाना खाकर वहां से चले गए. उस समय प्रियंका की उम्र महज 22 साल थी और वह फिल्म उनके लिए बेहद अहम थी. अचानक फिल्म हाथ से निकल जाने पर उनका दिल टूट गया. उन्होंने कहा कि उन्होंने तो विधिवत अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे, फिर भी वह कुछ नहीं कर सकीं. उन्होंने यह भी बताया कि ऐसा एक बार नहीं, बल्कि कई बार हुआ. हालांकि तब तक वह कुछ सफल फिल्मों में काम कर चुकी थीं और इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही थीं, लेकिन इतनी कम उम्र में इन घटनाओं ने उन्हें अपने करियर पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया था. उन्होंने स्वीकार किया कि वह एक समय अपने भविष्य को लेकर दुविधा में थीं, लेकिन अंत में उन्होंने अपनी कला पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया. उनका मानना है कि यही निर्णय आगे चलकर उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ और उन्हें लगातार नए मौके मिले.
‘अंदाज़’ फिल्म से किया करियर शुरू
प्रियंका ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 2003 में आई फिल्म ‘अंदाज़’ से की थी, जिसमें उनके साथ अक्षय कुमार और लारा दत्ता थे. उस समय इंडस्ट्री में कई ऐसे नए कलाकार भी आ रहे थे, जिनका संबंध फिल्मी परिवारों से था. जब उनसे भाई-भतीजावाद पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें इस शब्द का अर्थ भी ठीक से पता नहीं था. उनका मानना था कि हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए बेहतर भविष्य चाहते हैं, जैसा उनके माता-पिता ने भी उनके लिए किया.
मुख्य भूमिका से कई बार हटाया गया
उन्होंने यह भी याद किया कि कई बार उन्हें मुख्य भूमिका में लिया गया, लेकिन बाद में अचानक किसी और को चुनकर उन्हें दूसरी भूमिका दे दी गई या पूरी तरह बाहर कर दिया गया. इन अनुभवों ने उन्हें झकझोर जरूर दिया, लेकिन साथ ही यह एहसास भी कराया कि इंडस्ट्री में किसी का निजी संबंध होना या न होना कई बार निर्णायक साबित होता है. इन सबके बावजूद प्रियंका ने हार नहीं मानी. उन्हें अपने काम की सकारात्मक समीक्षाएं मिलने लगीं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा. उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाएं चुनने का निर्णय लिया और अपने प्रदर्शन से अपनी जगह मजबूत की.
आने वाली है प्रियंका की नई फिल्म
2019 में रिलीज हुई ‘द स्काई इज पिंक’ के बाद प्रियंका ने भारतीय फिल्मों में काम नहीं किया है. वह अब एसएस राजामौली की आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ में नजर आएंगी, जो 2027 में रिलीज होने वाली है.

