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‘संदेशे आते हैं’ के पीछे छुपी दर्दभरी कहानी: रोते हुए अनु मलिक ने रचा सुर, जावेद अख्तर ने दिया हौसला

गाना "संदेशे आते हैं" फिल्म बॉर्डर का है, जो 1997 में रिलीज़ हुई थी. इस गाने के पीछे की कहानी काफी इमोशनल है. शुरुआत में जावेद अख्तर फिल्म के लिए गाना नहीं बना पा रहे थे. फिर, जावेद अख्तर ने उन्हें इमोशनली इंस्पायर किया और उसके बाद उन्होंने एक शानदार और दमदार गाना बनाया.

By: Anshika thakur | Published: January 3, 2026 12:43:59 PM IST



Sandese Aate Hain Song: डायरेक्टर जेपी दत्ता की 1997 की फिल्म बॉर्डर आज भी दर्शकों की पसंदीदा बनी हुई है. जब भी लोग इसके गाने सुनते हैं, तो इमोशनल हो जाते हैं, और कई तो रो भी पड़ते हैं. फिल्म में दिखाए गए सीन आज भी देखने वालों के रोंगटे खड़े कर देते हैं. सनी देओल, सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना जैसे एक्टर्स की शानदार एक्टिंग ने लोगों के दिलों में देश के सैनिकों के लिए गर्व की भावना जगा दी. फिल्म की कहानी और इमोशन्स तो बेहतरीन हैं ही, लेकिन इसके गाने और भी ज़्यादा कमाल के हैं. गाना “संदेशे आते हैं” सबसे बेहतरीन गानों में से एक है, जो देश के सैनिकों की ज़िंदगी को दिखाता है और आंखों में आंसू ला देता है.

“संदेशे आते हैं” गाने के पीछे की इमोशनल कहानी

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस गाने के बनने के पीछे की कहानी काफी इमोशनल है. गाने के बोल जावेद अख्तर ने लिखे थे, और इसे रूप कुमार राठौड़ और सोनू निगम ने गाया था. इसे अनु मलिक ने कंपोज़ किया था, जिन्होंने इसके बनने की कहानी कई बार बताई है. उन्होंने बताया कि अनु मलिक आमतौर पर जोशीले और रोमांटिक गाने कंपोज़ करते थे जो कई फिल्मों की जान होते थे, लेकिन ऐसे गाने फिल्म बॉर्डर के कॉन्टेक्स्ट में फिट नहीं बैठते थे. इसलिए, यह खास गाना बनाना उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था.

अनु मलिक ने पहले कभी इमोशनल गाने नहीं गाए थे.

उन्होंने बताया कि फिल्म बॉर्डर के लिए सिर्फ़ जोशीले और इमोशनल गानों की ज़रूरत थी. जेपी दत्ता और जावेद अख्तर ने इन गानों के लिए अनु मलिक का नाम फाइनल किया. जावेद अख्तर का मानना ​​था कि अनु मलिक में ऐसे गाने बनाने का टैलेंट है. हालांकि, अनु मलिक के लिए चुनौती यह थी कि ऐसे गाने कैसे बनाए जाएं, क्योंकि उन्होंने पहले इस तरह के गाने नहीं बनाए थे.

आंसुओं का इस्तेमाल भावनाओं को व्यक्त करने के लिए किया गया था.

इसके बाद जावेद अख्तर और डायरेक्टर जेपी दत्ता उनकी मदद के लिए आगे आए. उन्होंने उन्हें बॉर्डर पर तैनात सैनिकों की तस्वीरें दिखाईं. इससे उन्हें रोना आ गया, और उन्होंने इमोशनल होकर अपने आंसुओं को धुन में शामिल किया, लेकिन इसका नतीजा यह हुआ कि उसमें एक रोमांटिक टच आ गया, जो डायरेक्टर और राइटर को पसंद नहीं आया. फिर जावेद अख्तर और जे.पी. दत्ता ने उन्हें बर्फ में तैनात, देश की रक्षा कर रहे सैनिकों की तस्वीरें दिखाईं और उनके बारे में कहानियाँ सुनाईं. उन तस्वीरों को देखकर अनु मलिक फिर से इमोशनल हो गए. फिर उन्होंने तय किया कि वह हर आंसू को भावना की अभिव्यक्ति के रूप में इस्तेमाल करेंगे और एक शक्तिशाली, जोशीला गाना बनाएंगे.

गाने की धुन सिर्फ़ 7-8 मिनट में बनाई गई थी.

फिल्म बॉर्डर का मशहूर गाना “संदेशे आते हैं” शुरू में लगभग 10-11 मिनट लंबा था। बाद में इसे एडिट करके 7.50 मिनट का कर दिया गया. हालांकि, बाद में जावेद अख्तर ने इसमें “ऐ गुज़रने वाली हवा” (ओ गुज़रती हवा) लाइनें जोड़ीं. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि अनु मलिक ने “संदेशे आते हैं” गाने की धुन सिर्फ़ 7-8 मिनट में बनाई थी. बाद में इसे सोनू निगम और रूप कुमार राठौड़ ने गाया था.

गाना “संदेशे आते हैं” बॉर्डर 2 में भी दिखाया जा रहा है.

हालांकि बॉर्डर 2 जल्द ही रिलीज़ होने वाली है, लेकिन “संदेशे आते हैं” गाने को भी फिल्म में शामिल किया जा रहा है, जिसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी हैं. दरअसल, फिल्म का गाना “घर कब आओगे” शुक्रवार को रिलीज़ हुआ, जिसने पुराने कंपोज़िशन को एक नया ट्विस्ट दिया है. इस गाने को ओरिजिनल गाने का सार बनाए रखते हुए एक नए अंदाज़ में बनाया गया है. इस बार, म्यूज़िक मिथुन और अनु मलिक ने कंपोज़ किया है, जबकि लिरिक्स जावेद अख्तर और मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं. इस गाने को सोनू निगम, रूप कुमार राठौड़, अरिजीत सिंह, दिलजीत दोसांझ और विशाल मिश्रा ने गाया है.

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