Karan On Dharma Productions : बॉलीवुड के दिग्गज निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में बेहद भावुक और निजी किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि जब उनके पिता यश जौहर का निधन हुआ, तो वो एकदम टूट गए थे. उस समय करण अपने करियर को लेकर बेहद असमंजस में थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि धर्मा प्रोडक्शंस को आगे कैसे ले जाया जाए.
करण ने बताया कि उस समय वो इस विचार तक पहुंच गए थे कि शायद उन्हें सिर्फ डायरेक्शन करना चाहिए और धर्मा प्रोडक्शंस को बंद कर देना चाहिए.
क्या मुझे धर्मा प्रोडक्शन बंद कर देना चाहिए?
करण जौहर ने बताया कि पिता के निधन के चौथे दिन वो अकेले ऑफिस पहुंचे. वहां पहुंचकर उन्होंने अपने एक करीबी दोस्त को फोन किया और मिलने की इच्छा जताई. करण ने कहा, “मैंने उसे कॉल किया और पूछा, क्या मुझे सिर्फ डायरेक्शन करना चाहिए? क्या मुझे धर्मा प्रोडक्शन को बंद कर देना चाहिए? मैं कंफ्यूज था, डर में था और हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था.”
उन्हें लग रहा था कि डायरेक्टर के तौर पर वे कहीं और भी फिल्में बना सकते हैं, लेकिन प्रोडक्शन हाउस को चलाना उनके लिए एक भारी जिम्मेदारी बन चुका था.
एक तस्वीर ने बदल दी पूरी सोच
करण उस मुलाकात के लिए निकल ही रहे थे कि तभी ऑफिस के दरवाजे पर एक बेहद भावुक पल घटित हुआ. कर्मियों ने यश जौहर की तस्वीर लाकर करण से पूछा, सर, हम इसमें चंदन का हार डालें या फूलों की माला? करण ने कहा कि जैसे ही उन्होंने उस तस्वीर को देखा, उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके पिता उन्हें घूर कर देख रहे हैं.
वो पल मेरी जिंदगी का सबसे अहम मोड़ था. मुझे एहसास हुआ कि मैं क्या करने जा रहा हूं? ये कंपनी मेरे पिता की बनाई हुई है. उन्होंने इसे अपने खून-पसीने से खड़ा किया है. मैं इसे ऐसे कैसे छोड़ सकता हूं?”
जैसे पापा ने मुझे तस्वीर से थप्पड़ मारा हो
करण ने बताया कि उस तस्वीर ने उन्हें झकझोर कर रख दिया. वे तुरंत अपने कमरे में लौटे और दोस्त को फोन कर कह दिया कि अब वो मिलने नहीं आ रहे हैं. उसी पल उन्होंने फैसला लिया- मैं धर्मा प्रोडक्शन बंद नहीं करूंगा. मैं इसे आगे ले जाऊंगा. करण ने बेहद भावुक अंदाज में कहा, मुझे ऐसा लगा जैसे पापा ने मुझे उनकी तस्वीर के जरिए थप्पड़ मारा हो और कहा हो – ‘हिम्मत कर बेटा.’”
आज धर्मा प्रोडक्शंस न सिर्फ बॉलीवुड का सबसे बड़ा प्रोडक्शन हाउस है, बल्कि युवा टैलेंट को मौका देने, नई कहानियों को मंच देने और सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी आगे है.

