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Shah Rukh Khan: जब शाहरुख खान ने एंटी-हीरो बनकर मनवाया एक्टिंग का लोहा, इन फिमों में किंग खान का ग्रे-शेड देख दर्शकों को लगा डर

SRK Anti Hero: बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान के करियर में कुछ ऐसे किरदार भी रहे हैं जहाँ उन्होंने ग्रे या नेगेटिव शेड्स वाले किरदार निभाकर दर्शकों को आकर्षित किया है। उनके खलनायक अवतारों में इतनी गहराई, जुनून और अभिनय दिखा कि दर्शक उन्हें नायक से ज़्यादा खलनायक के रूप में पसंद करने लगे।

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Shah Rukh Khan: बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान के करियर में कुछ ऐसे किरदार भी रहे हैं जहाँ उन्होंने ग्रे या नेगेटिव शेड्स वाले किरदार निभाकर दर्शकों को आकर्षित किया है। उनके खलनायक अवतारों में इतनी गहराई, जुनून और अभिनय दिखा कि दर्शक उन्हें नायक से ज़्यादा खलनायक के रूप में पसंद करने लगे। शाहरुख खान अपनी नई फिल्म किंग में एक हत्यारे की भूमिका में भी नज़र आने वाले हैं। आइए शाहरुख खान की उन फिल्मों पर एक नज़र डालते हैं जिनमें उन्होंने खलनायक के रूप में भी खूब वाहवाही बटोरी है।

1. डर

यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित 1993 की फिल्म डर एक साइको-थ्रिलर थी। इस फिल्म में शाहरुख खान ने राहुल मेहरा नाम का किरदार निभाया था। उनका किरदार जूही चावला द्वारा अभिनीत एक लड़की से पागलपन की हद तक प्यार करने लगता है। उनका डायलॉग “क…क…क किरण” आज भी लोगों की जुबान पर है। इस किरदार ने साबित कर दिया कि शाहरुख सिर्फ एक रोमांटिक हीरो नहीं, बल्कि अभिनय का एक पावरहाउस हैं।

2. बाजीगर

अब्बास मस्तान द्वारा निर्देशित 1993 की फ़िल्म बाज़ीगर में शाहरुख़ खान ने अजय शर्मा उर्फ़ विक्की मल्होत्रा का किरदार निभाया था। इस फ़िल्म में उनका किरदार ऐसा था कि वह अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए किसी भी हद तक जा सकते थे। इस फ़िल्म में शाहरुख़ ने नैतिकता की सारी हदें पार कर दर्शकों की सहानुभूति बटोरी।

3. अंजाम

1994 में रिलीज़ हुई फ़िल्म अंजाम एक प्रेमी के पागलपन की कहानी है। इस फ़िल्म में शाहरुख़ खान ने विजय अग्रवाल का किरदार निभाया था, जो एक अमीर और बिगड़ैल लड़का है। माधुरी दीक्षित के साथ उनके किरदार की संघर्षपूर्ण कहानी ने फ़िल्म को भावुक और गहरा बना दिया था। अंजाम में शाहरुख़ की नकारात्मक भूमिका काफ़ी गंभीर और डरावनी थी।

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4. डॉन सीरीज

2006 और 2011 में रिलीज़ हुई डॉन सीरीज़ में शाहरुख़ खान एक स्टाइलिश विलेन की भूमिका में नज़र आए थे। अमिताभ बच्चन की ‘डॉन’ के इस रीमेक का निर्देशन फरहान अख्तर ने किया था, जिसमें शाहरुख़ खान ने दोहरी भूमिका निभाई थी। उनकी शैली, संवाद अदायगी और शारीरिक भाषा, खासकर डॉन के रूप में, उन्हें एक स्टाइलिश खलनायक के रूप में स्थापित करती रही। शाहरुख का संवाद, “डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है” एक बार फिर लोकप्रिय हो गया।

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