Categories: शिक्षा

Merchant Navy Salary: मर्चेंट नेवी में करना चाहते है काम, सैलरी से लेकर कोर्स तक जानें सबकुछ

Merchant Navy Salary: आज के समय में बहुत से लोग नेवी या आर्मी में जाना चाहते है. अगर आप भी उनमें से एक है और आपको मर्चेंट नेवी में जाना है तो ये खबर आपके लिए है. यहां सैलरी से लेकर जानें सबकुछ-

Published by sanskritij jaipuria

Merchant Navy Salary: भारत में समुद्र के रास्ते व्यापार बहुत बड़ा है. देश में दर्जनों बड़े और सैकड़ों छोटे बंदरगाह हैं, जहां से हर दिन भारी मात्रा में सामान आता-जाता है. इसी समुद्री व्यापार से जुड़ा एक करियर है मर्चेंट नेवी, जो आज के कई युवा करना चाहते है.

मर्चेंट नेवी में काम करने वाले लोग दुनिया भर में जहाजों पर काम करते हैं. खास बात ये है कि दुनियाभर के मर्चेंट मरीनर्स में भारतीयों की संख्या अच्छी-खासी है. आने वाले समय में शिपिंग और समुद्री व्यापार के और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के मौके भी बढ़ सकते हैं.

क्या है मर्चेंट नेवी?

अक्सर युवाओं के मन में ये सवाल आता है कि इंडियन नेवी और मर्चेंट नेवी में क्या फर्क है. दोनों का रिश्ता समुद्र से है, लेकिन दोनों का काम अलग है.

मर्चेंट नेवी का काम समुद्र के रास्ते व्यापार करना है. इसके जहाज सामान, तेल, गैस और दूसरी चीजों को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचाते हैं. ये पूरी तरह व्यावसायिक क्षेत्र है. वहीं इंडियन नेवी देश की सुरक्षा से जुड़ी होती है और सेना का हिस्सा है. वहां भर्ती, ट्रेनिंग और काम का तरीका बिल्कुल अलग होता है.

मर्चेंट नेवी में काम के विभाग

मर्चेंट नेवी में अलग-अलग तरह के काम होते हैं, जिनके लिए अलग रास्ते हैं.

डेक या नेविगेशन विभाग- इस विभाग के लोग जहाज को सही और सेफ रास्ते से चलाने की जिम्मेदारी निभाते हैं. मौसम, समुद्र की स्थिति और नेविगेशन सिस्टम पर नजर रखना इनका काम होता है. इसमें डेक कैडेट से लेकर थर्ड ऑफिसर, सेकेंड ऑफिसर और अंत में कैप्टन तक पद होते हैं. इसके लिए नॉटिकल साइंस से जुड़े कोर्स किए जाते हैं.

इंजन विभाग (मरीन इंजीनियरिंग)- इस विभाग में जहाज के इंजन, मशीनों और तकनीकी सिस्टम की देखभाल होती है. मरीन इंजीनियर ये सुनिश्चित करते हैं कि जहाज बिना किसी रुकावट के चले. इस रास्ते में जूनियर इंजीनियर से शुरू होकर फोर्थ, थर्ड, सेकेंड और फिर चीफ इंजीनियर तक पहुंचा जा सकता है.

इलेक्ट्रो-टेक्निकल ऑफिसर (ETO)- ईटीओ जहाज पर लगे इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, सेंसर और अलार्म की देखरेख करता है. इसके लिए इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स की पढ़ाई जरूरी होती है, साथ में स्पेशल ट्रेनिंग भी.

Related Post

जीपी रेटिंग (सपोर्ट क्रू)- ये जहाज का सहायक स्टाफ होता है. ये लोग डेक और इंजन, दोनों तरह के कामों में मदद करते हैं. इसमें अधिकारी पद नहीं होते, लेकिन जहाज के रोजमर्रा के काम के लिए ये भूमिका बहुत जरूरी होती है.

मर्चेंट नेवी किसके लिए सही है?

मर्चेंट नेवी हर किसी के लिए नहीं होती. ये करियर खास तौर पर उन लोगों के लिए बेहतर है:

 जिन्हें मशीन, तकनीक और इंजीनियरिंग में रुचि हो.
 जो कई महीनों तक घर और परिवार से दूर रह सकते हों.
 जो अनुशासन में रहकर जिम्मेदारी से काम कर सकें.
 जो शारीरिक और मानसिक रूप से फिट हों.
 जिन्हें घूमने और नई जगहें देखने का शौक हो.

इस क्षेत्र में काम करना आसान नहीं है. कई बार छह-छह महीने तक समुद्र में रहना पड़ता है. परिवार से दूरी, अकेलापन और मानसिक दबाव इस पेशे की सच्चाई है.

मर्चेंट नेवी के मेन कोर्स

मर्चेंट नेवी में जाने के लिए कुछ खास कोर्स किए जाते हैं:

 डिप्लोमा इन नॉटिकल साइंस – 12वीं के बाद, डेक विभाग के लिए
 बीएससी नॉटिकल साइंस – तीन साल का कोर्स
 बीटेक मरीन इंजीनियरिंग – इंजन विभाग के लिए चार साल का कोर्स
 ग्रेजुएट मरीन इंजीनियरिंग (GME) – मैकेनिकल इंजीनियरों के लिए विशेष कोर्स
 इलेक्ट्रो टेक्निकल ऑफिसर (ETO) कोर्स – इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स छात्रों के लिए
 जीपी रेटिंग – सपोर्ट क्रू के लिए छह महीने का कोर्स

सैलरी और आगे बढ़ने के मौके

मर्चेंट नेवी को कम उम्र में अच्छी कमाई देने वाले करियर में गिना जाता है. शुरुआत में कैडेट या जूनियर पद पर सैलरी 30 हजार होती है, लेकिन एक्सपीरिएंस और एग्जाम पास करने के साथ ये सैलरी 45 से 90 हजार तक होती है.

एक्सपीरिएंस बढ़ने पर ऑफिसर, चीफ इंजीनियर या कैप्टन जैसे पदों तक पहुंचा जा सकता है. इन पदों पर सैलरी 8 से 15 लाख हो सकती है, हालांकि ये जहाज के प्रकार और एक्सपीरिएंस पर निर्भर करती है.

sanskritij jaipuria

Recent Posts

कहीं पोंगल तो कहीं खिचड़ी! भारत का इकलौता त्योहार जो हर राज्य में अलग अंदाज़ में मनाया जाता है?

Way Of Celebrate Makar Sankranti: मकर संक्रांति भारत में सबसे खुशी से मनाए जाने वाले त्योहारों…

January 14, 2026

वेतन नहीं, अब AI-प्रूफ कौशल तय करेंगे छात्रों का भविष्य?

र्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (Resselas Investment Managers) के संस्थापक सौरभ मुखर्जी (Saurabh Mukherjee) ने बताया कि…

January 14, 2026