Categories: दिल्ली

क्या आज होगा आर्टिफिशियल रेन? अचानक अंधेरे में डूब जाएगी दिल्ली, फिर किया जाएगा ये काम

Delhi Cloud Seeding: अगर मौसम अनुकूल रहा तो दिल्ली सरकार मंगलवार को क्लाउड सीडिंग (cloud seeding)का प्रयास कर सकती है. इससे पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार और मंगलवार को बादल छाए रहने का अनुमान जताया था.

Published by Divyanshi Singh

Delhi Cloud Seeding:दिल्ली में आज क्लाउड सीडिंग का पहला परीक्षण होगा. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी जानकारी दी.प्रदूषण कम करने के लिए कृत्रिम बारिश की तकनीक का परीक्षण हो रहा है. इससे पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार और मंगलवार को बादल छाए रहने का अनुमान जताया था. अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को मौसम अनुकूल होने के बावजूद, मंत्रियों के छठ पूजा में व्यस्त होने के कारण क्लाउड सीडिंग नहीं की जा सकी.

कई बार हो चुकी है देरी

इस साल मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण राजधानी में क्लाउड सीडिंग जिसमें कृत्रिम रूप से बारिश कराने के लिए सिल्वर आयोडाइड को बादलों पर फैलाया जाता है, कई बार विलंबित हो चुकी है. भाजपा के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने 23 अक्टूबर को बुराड़ी से कानपुर रूट पर आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) की मदद से इसका पहला परीक्षण किया जिसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने “एक ऐतिहासिक कदम” बताया.

Delhi-NCR में हालात खराब

दिवाली के बाद से, दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे चिंताएं बढ़ रही हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सोमवार को राजधानी में AQI 301 रहा जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है. जबकि एक दिन पहले यह 315 दर्ज किया गया था.

Related Post

आईएमडी ने सोमवार को अपने बुलेटिन में कहा, “27 अक्टूबर, 2025 से 29 अक्टूबर, 2025 की सुबह तक, एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और भारत के आसपास के उत्तरी मैदानी इलाकों को प्रभावित कर सकता है. इसके प्रभाव में, 27 अक्टूबर की शाम से 28 अक्टूबर, 2025 की सुबह तक दिल्ली में एक या दो बार बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी होने की संभावना है.”

आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार, बादलों के द्रव्यमान के साथ न्यूनतम 50% नमी की आवश्यकता के साथ सीडिंग संभव है क्योंकि सीडिंग दो तरीकों से हो सकती है: बादल के ऊपर (आमतौर पर लगभग 5500 मीटर की ऊँचाई पर) और बादल के नीचे (आमतौर पर लगभग 2000 मीटर की ऊँचाई पर)। यह प्रक्रिया बर्फ के क्रिस्टल बनाने में मदद करती है जिससे वर्षा होती है.

Divyanshi Singh

Recent Posts

Aaj Ka Panchang: 20 जनवरी 2026, मंगलवार का पंचांग, यहां पढ़ें शुभ मुहूर्त और राहु काल का समय

Aaj Ka Panchang: आज 20 जनवरी 2026 है. इस दिन माघ माह के शुक्ल पक्ष…

January 20, 2026

पाक करेगा टी20 वर्ल्ड कप को बॉयकॉट! जानें इस बार क्या है PCB की भारत न आने की साजिश?

T20 World Cup 2026: कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन…

January 19, 2026

BJP Presidents List: नितिन नबीन बनेंगे बीजेपी के अगले अध्यक्ष, यहां देखें 1980 से 2020 तक भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्षों की लिस्ट

BJP Party Presidents: 2019 तक BJP राष्ट्रीय संसद में प्रतिनिधित्व (303 सीटें) के मामले में…

January 19, 2026

भीख नहीं मांगी, लोग खुद देते थे पैसे! करोड़पति भिखारी की हैरान कर देने वाली कहानी

Indore Rich Beggar Mangilal: मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दिव्यांग भिखारी जो सालों से…

January 19, 2026