Arwind Kejriwal: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बरी कर दिया है. अदालत के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई. आम आदमी पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने इसे बड़ी राहत बताया.
फैसले के कुछ ही समय बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने आए. उन्होंने कहा कि ये सच की जीत है. बातचीत के दौरान वे भावुक भी नजर आए.
केजरीवाल की प्रतिक्रिया
मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि उनके और उनकी पार्टी के खिलाफ बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया. उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी पार्टी के नेताओं को भ्रष्ट बताया गया और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को जेल भेजा गया. उन्होंने ये भी कहा कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री को जेल भेजा जाना देश के राजनीतिक इतिहास में असामान्य घटना है. उनके अनुसार, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा. केजरीवाल ने दोहराया कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी को ही सबसे बड़ी पूंजी माना है.
भाजपा पर आरोप
केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारतीय जनता पार्टी की ओर से शराब घोटाले को लेकर लगातार आरोप लगाए गए. उनका कहना है कि अदालत ने अब उन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है.
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को कमजोर करने के लिए बड़े नेताओं को जेल में डाला गया. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अदालत का फैसला सच की पुष्टि करता है.
**Politicians’ Oscar-level acting! 🎥🍿 Kejriwal ( Former CM of Delhi)
breaks down right after Delhi court discharge in Excise Policy case –journalist yells to videographer, “Kejriwal is crying, bro, where are you?!” 😭
They missed the tearjerker footage for prime time!Top… pic.twitter.com/MCkuxA9bKQ
— X Secular (@x4secular) February 27, 2026
मनीष सिसोदिया की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद मनीष सिसोदिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर ‘सत्यमेव जयते’लिखते हुए अदालत के फैसले का स्वागत किया.
सिसोदिया ने कहा कि आज उन्हें भीमराव अम्बेडकर की दूरदर्शिता और उनके द्वारा बनाए गए संविधान पर गर्व महसूस हो रहा है.उनका कहना था कि तमाम आरोपों और जांच एजेंसियों की कोशिशों के बावजूद अदालत ने सच्चाई को सामने रखा है.
अदालत के इस फैसले के बाद राजधानी की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है.एक ओर आम आदमी पार्टी इसे नैतिक जीत बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.आने वाले समय में इस फैसले का राजनीतिक प्रभाव किस तरह पड़ेगा, ये देखना जरूरी होगा.