Bihar में रहने की जगह खोज रहे हैं Donald Trump? अचानक आया ऐसा आवेदन…देखकर अधिकारियों के उड़े होश

Donald Trump ने बिहार में निवास प्रमाण पत्र के लिए एप्लीकेशन दी है, जिसे देखकर प्रशासनिक अधिकारी हैरान रह गए। जब जांच हुई तो और भी भयंकर जानकारी सामने आई है।

Published by

Bihar Chunav 2025: बिहार चुनाव करीब है और इस दौरान यहां से आए दिन अजीबो-गरीब खबरें आ रही हैं। चुनाव आयोग के निर्देश पर बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम च ल रहा है। ऐसे माहौल में हाल ही में पता चला है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिहार के समस्तीपुर जिले में निवास प्रमाण पत्र के लिए एप्लाई किया है। ये आवेदन देखकर प्रशासन के होश उड़ गए। इसके बाद जांच की गई तो और भी चौंकाने वाला सच सामने आया। आगे जानें आखिर ट्रंप बिहार में निवास प्रमाण पत्र बनवा क्यों रहे हैं?

Bihar SIR के बीच Trump का बवाल

दरअसल, बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड ऑफिस में एक निवास प्रमाण पत्र के लिए एक आवेदन आया, जो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम से था। ऑनलाइन आए इस आवेदन को देखकर प्रशासन के अधिकारी चौंक गए। इसकी जांच की गई तो फर्जीवाड़े की पुष्टी हो गई लेकिन एक और शक जताया जा रहा है, जो वाकई चिंताजनक है। पता चला है कि ये SIR पर मखौल करने की फेल कोशिश थी।

‘Trump को नहीं…PM Modi को कॉल करूंगा’, इस देश के राष्ट्रपति ने अमेरिका को किया बेइज्जत, Video देखकर लगेगा सदमा

Related Post

Trump Fake Bihar Residence Certificate में क्या-क्या मिला?

इस मामले का और डीलेट्स सामने आई हैं, जिसमें बताया जा रहा है कि 29 जुलाई 2025 को ऑनलाइन आवेदन संख्या BRCCO/2025/17989735 में निवास प्रमाण पत्र की एप्लीकेशन आई। इसमें आवेदनकर्ता का नाम डोनाल्ड जॉन ट्रंप लिखा है और छेड़छाड़ करके बनाई गई एक फर्जी फोटो भी लगाई गई थी। बता दें कि इस केस में साइबर अपराध के तहत FIR दर्ज हो गई है, इस शिकायत के साथ एक ईमेल आईडी भी दी गई है। अब साइबर सेल ये पता लगाने में जुटी है कि ये फर्जी आवेदन किस डिवाइस और IP एड्रेस से आया था और इसके पीछे कौन लोग हैं?

Swami Prasad Maurya के साथ हो गया कांड, Video में सिर पर 2 लड़कों ने मारी टपली, फिर चेलों ने मचाया खूनमखून

Published by

Recent Posts

सभी व्यापार समझौतों की जननी – भारत-ईयू के लिए एक विशाल छलांग

नई दिल्ली, जनवरी 30: भारत और ईयू मिलकर 2 अरब लोगों, वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा हैं। दोनों देशों के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक विशाल कदम है। जबकि व्यापार चर्चा लगभग दो दशकों से हो रही थी, 2022 से अधिक गहन चर्चा शुरू हुई और 27 जनवरी 2026 को संपन्न हुई। भू-राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव डॉ. विकास गुप्ता, सीईओ और मुख्य निवेश रणनीतिकार, ओमनीसाइंस कैपिटल के अनुसार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की स्थिति को देखते हुए, भारत-ईयू एफटीए प्रतीकात्मक है क्योंकि भारत अमेरिका को निर्यात की जाने वाली अधिकांश वस्तुओं के लिए अन्य बाजार खोजने में सक्षम है। इसे चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन पहलों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। यह समझौता अमेरिका को पीछे धकेलेगा और दिखाता है कि भारत कृषि और डेयरी तक पहुंच पर समझौता नहीं करेगा क्योंकि बड़ी किसान आबादी इन क्षेत्रों पर निर्भर है। सकारात्मक रूप से लिया जाए तो यह दर्शाता है कि भारत उच्च-स्तरीय उत्पादों, जैसे वाइन, या विशिष्ट कृषि उत्पादों, जैसे कीवी आदि तक पहुंच देने के लिए तैयार है। यह एक टेम्पलेट हो सकता है जिसके साथ भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हो सकता है। समझौते की मुख्य विशेषताएं ईयू के दृष्टिकोण के अनुसार, ईयू द्वारा निर्यात की जाने वाली 96% वस्तुओं पर कम या शून्य टैरिफ होगा, जबकि भारतीय दृष्टिकोण यह है कि 99% भारतीय निर्यात को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलेगी। लाभान्वित होने वाले प्रमुख क्षेत्र फुटवियर, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण एफटीए से कई भारतीय क्षेत्रों को लाभ होने की संभावना है। ईयू लगभग 100 अरब डॉलर मूल्य के फुटवियर और चमड़े के सामान का आयात करता है। वर्तमान में, भारत इस श्रेणी में ईयू को लगभग 2.4 अरब डॉलर का निर्यात करता है। समझौता लागू होने के तुरंत बाद टैरिफ को 17% तक उच्च से घटाकर शून्य कर दिया जाएगा। इससे समय के साथ भारतीय कंपनियों को बड़ा बाजार हिस्सा हासिल करने में सहायता मिलनी चाहिए। एक अन्य क्षेत्र समुद्री उत्पाद है (26% तक टैरिफ कम किए जाएंगे) जो 53 अरब डॉलर का बाजार खोलता है जिसका वर्तमान निर्यात मूल्य केवल 1 अरब डॉलर है। रत्न और आभूषण क्षेत्र जो वर्तमान में ईयू को 2.7 अरब डॉलर का निर्यात करता है, ईयू में 79 अरब डॉलर के आयात बाजार को लक्षित कर सकेगा। परिधान, वस्त्र, प्लास्टिक, रसायन और अन्य विनिर्माण क्षेत्र परिधान और वस्त्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां भारत को शून्य टैरिफ और 263 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार तक पहुंच मिल सकती है। वर्तमान में, भारत ईयू को 7 अरब डॉलर का निर्यात करता है। यह इस क्षेत्र में भारतीय निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा हो सकता है। प्लास्टिक और रबर एक अन्य ईयू आयात बाजार है जिसकी कीमत 317 अरब डॉलर है जिसमें भारत की वर्तमान हिस्सेदारी केवल 2.4 अरब डॉलर है। रसायन एक अन्य क्षेत्र है जो 500 अरब डॉलर के ईयू आयात बाजार के लायक है जहां भारत को विशेषाधिकार प्राप्त पहुंच मिलती है।…

January 30, 2026

एसएससी एमटीएस हवलदार सिटी इंटिमेशन स्लिप 2025 जारी, यहां जानें परीक्षा की तारीख और डाउनलोड करने का तरीका

SSC MTS exam date 2026: भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में कुल…

January 30, 2026

UPSC IPS Story: कौन है IPS आकाश कुलहरि, जिन्होंने पहली बार में क्रैक किया UPSC, जानें उनकी कहानी

UPSC IPS Story: IPS आकाश कुलहरि की कहानी दिखाती है कि कमजोर शुरुआत भी सफलता…

January 30, 2026

Vishavdeep Singh Attri: कौन है मेजर विश्वदीप सिंह अत्री, जिन्हें मिला जीवन रक्षा पदक, क्या है इसकी वजह?

Indian Army Story: भारतीय सेना के मेजर विश्वदीप सिंह अत्री इन दिनों चर्चा में है.…

January 30, 2026