Atanu Chakraborty: HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने तुरंत प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस कदम ने दलाल स्ट्रीट पर सबका ध्यान खींचा है और भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के लेंडर के अंदरूनी कामकाज को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. अपने इस्तीफे के पत्र में, चक्रवर्ती ने बैंक के अंदरूनी कामकाज को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में “बैंक के अंदर कुछ ऐसी घटनाएं और तौर-तरीके देखने को मिले, जो “मेरे निजी मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थे. इस अचानक इस्तीफे और पत्र में इस्तेमाल की गई असामान्य रूप से बेबाक भाषा ने बैंक के गवर्नेंस स्टैंडर्ड पर सबका ध्यान खींच लिया है. यह ऐसे समय में हुआ है जब बैंक मर्जर के बाद के एक मुश्किल दौर से गुज़र रहा है.
कौन हैं Atanu Chakraborty?
चक्रवर्ती गुजरात कैडर के रिटायर्ड इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) अधिकारी हैं. उन्हें पब्लिक पॉलिसी और फाइनेंशियल एडमिनिस्ट्रेशन में तीन दशकों से ज़्यादा का अनुभव है. उन्होंने वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों के विभाग में सचिव के तौर पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग में भी अहम भूमिकाएं निभाईं, जहाँ वे सरकार के विनिवेश कार्यक्रम से जुड़े रहे. सिविल सेवाओं से रिटायर होने के बाद, चक्रवर्ती ने कॉर्पोरेट जगत में कदम रखा. उन्होंने बोर्ड-स्तरीय पदों पर काम करते हुए अपनी गहरी पॉलिसी समझ और रेगुलेटरी अनुभव का लाभ दिया.
HDFC बैंक में भूमिका
बता दें कि वो मई 2021 में HDFC बैंक के बोर्ड में एक स्वतंत्र निदेशक के तौर पर शामिल हुए थे. बाद में, उन्हें बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाया गया. उनका कार्यकाल बैंक के लिए एक ऐतिहासिक दौर साबित हुआ, जिसमें HDFC Ltd. के साथ उसका मर्जर भी शामिल है. अपने इस्तीफे के पत्र में, चक्रवर्ती ने इस मर्जर को एक “अत्यंत महत्वपूर्ण” घटना बताया. उन्होंने कहा कि इस मर्जर से “बैंक के तहत एक विशाल समूह (conglomerate) का निर्माण हुआ है,” लेकिन साथ ही यह भी कहा कि “इस मर्जर के पूरे फायदे अभी मिलने बाकी हैं.”

