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Global Gold Reserves 2025: किस देश के पास है सबसे ज्यादा सोना और उनकी अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर होगा?

Global Gold Reserves 2025: सोना आज भी दुनिया की सबसे कीमती धातु में से एक है, और किसी भी देश की आर्थिक मजबूती को मापने का सबसे बड़ा पैमाना उसका स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) माना जाता है।

Global Gold Reserves 2025: सोना आज भी दुनिया की सबसे कीमती धातु में से एक है, और किसी भी देश की आर्थिक मजबूती को मापने का सबसे बड़ा पैमाना उसका स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) माना जाता है। जितना अधिक सोना किसी देश के पास होता है, उसकी करेंसी उतनी ही मजबूत और उसका वैश्विक दबदबा उतना ही ज्यादा होता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2025 तक कई देशों ने अपने गोल्ड रिज़र्व को बढ़ाया है। आइए जानते हैं दुनिया के टॉप गोल्ड रिजर्व वाले देशों और उनकी ताकत के बारे में विस्तार से।

अमेरिका

अमेरिका कई दशकों से गोल्ड रिजर्व में नंबर वन पर बना हुआ है। मई 2025 तक उसके पास 8,133 टन सोने का विशाल भंडार मौजूद था। यह किसी भी देश के पास दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड स्टॉक है।यह भंडार अमेरिकी डॉलर को मजबूती देने और वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिका के प्रभुत्व को कायम रखने में अहम भूमिका निभाता है।अमेरिका का अधिकांश सोना फोर्ट नॉक्स और अन्य सुरक्षित भंडारण स्थलों पर रखा गया है।

जर्मनी

जर्मनी गोल्ड रिजर्व में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। उसके पास 3,351 टन सोने का भंडार है।द्वितीय विश्व युद्ध में पराजित होने के बाद भी यही सोना जर्मनी के लिए आर्थिक ताकत बना।जर्मनी अपने सोने का बड़ा हिस्सा देश में ही रखता है, लेकिन कुछ हिस्सा अमेरिका और अन्य देशों में भी सुरक्षित है।

इटली

इटली तीसरे स्थान पर है और उसके पास 2,451 टन स्वर्ण भंडार है। इटली पर भारी राष्ट्रीय कर्ज है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने गोल्ड रिजर्व को बेचने से बचता है।इटली मानता है कि अगर उसने सोना घटा दिया तो आर्थिक अस्थिरता और तेज हो सकती है।

फ्रांस

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फ्रांस के पास 2,450 टन सोने का भंडार है, जिससे वह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व वाला देश बनता है।फ्रांस इस सोने का उपयोग IMF और अमेरिका की आर्थिक नीतियों का मुकाबला करने के लिए करता है।यूरोपियन सेंट्रल बैंक की मजबूती में भी फ्रांस का सोना अहम योगदान देता है।

रूस

रूस गोल्ड रिजर्व में पांचवें स्थान पर है और उसके पास 2,333 टन सोना है।अमेरिका और यूरोपीय संघ की पाबंदियों (Sanctions) के बावजूद रूस अपनी अर्थव्यवस्था को गोल्ड रिजर्व के दम पर संभाले हुए है।

चीन

चीन के पास 2,292 टन स्वर्ण भंडार है और वह लगातार सोना खरीदकर इस संख्या को बढ़ाने में लगा हुआ है।चीन का लक्ष्य अमेरिकी डॉलर की वैश्विक पकड़ को कमजोर करना और युआन को एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय करेंसी के रूप में स्थापित करना है।

भारत

भारत इस सूची में सातवें स्थान पर है और उसके पास 880 टन आधिकारिक गोल्ड रिजर्व है। यह भंडार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास रखा है।हालांकि भारत का आधिकारिक भंडार कम है, लेकिन असली ताकत भारतीय परिवारों के पास रखे सोने में है।अनुमान है कि भारतीय घरों में लगभग 25,000 टन सोना मौजूद है, जो दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा है, और संकट के समय में यह देश की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।

Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. inkhabar इसकी पुष्टि नहीं करता है.

Shivashakti Narayan Singh

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