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इनकम टै्स डिपार्टमेंट का बड़ा अलर्ट! हजारों टैक्सपेयर्स को मिला NUDGE नोटिस, जानें क्या होता है ये?

Nudge Notice: हजारों टैक्सपेयर्स को मिला NUDGE नोटिस! क्या आपके ITR में भी है कोई छिपी गड़बड़ी? जानिए क्यों आया ये मैसेज और समय रहते क्या कदम उठाना है, वरना बढ़ सकती है मुश्किलें!

Published by sanskritij jaipuria

Nudge Notice: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स को ‘NUDGE’ नोटिस भेजा है, जिससे कई लोगों में हलचल मची हुई है. हालांकि, घबराने की कोई जरूरत नहीं है. ये नोटिस सख्त कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि आपको अपने फाइल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में संभावित गलतियों को सुधारने का अवसर देने के लिए है. एनयूडीजीई का मतलब है ‘Non-Intrusive Use of Data to Guide and Enable’. सरल शब्दों में, ये एक मैसेज है जो आपको ये बताता है कि आपके रिटर्न और विभाग के पास मौजूद वित्तीय डेटा में कुछ अंतर पाए गए हैं.

NUDGE का उद्देश्य

इस नोटिस का मेन उद्देश्य टैक्सपेयर्स को अपने डेटा को रिव्यू करने का मौका देना है. अगर कोई गलती पाई जाती है, तो विभाग आपको समय देता है कि आप खुद उसे सुधारें. इस प्रोसेस से भविष्य में भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है. इसे कानूनी समन या दंडात्मक नोटिस के रूप में नहीं लेना चाहिए.

टैक्स कंप्लायंस बढ़ाने का डिजिटल तरीका

मॉडर्न डिजिटल युग में आयकर विभाग के पास वित्तीय लेन-देन की ज्यादा जानकारी होती है. विभाग रिस्क एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके ये पहचानता है कि कहां संभावित गलतियां हैं. उदाहरण के लिए, यदि आपकी AIS (Annual Information Statement) में बड़े खर्च दिखाई दे रहे हैं लेकिन आपके ITR में आय कम दर्ज है, तो सिस्टम तुरंत एक फ्लैग जेनरेट करता है और आपको NUDGE नोटिस भेज देता है.

क्या हैं नोटिस के मेन लक्ष्य?

इस बार आयकर विभाग विशेष रूप से निम्नलिखित कैटेगरी पर ध्यान दे रहा है:

1. हाई-इनकम टैक्सपेयर्स – जिनकी सालाना आय ₹50 लाख या उससे ज्यादा है.
2. कॉरपोरेट अधिकारी – कंपनियों के प्रबंधन अधिकारी जो वित्तीय फैसले लेते हैं.
3. विदेशी संपत्ति वाले – जिन्होंने अपनी विदेशी आय या संपत्ति ITR में नहीं दिखाई.
4. डेटा मिसमैच वाले – जिनके बैंकिंग लेन-देन और घोषित आय में बड़ा अंतर है.

NUDGE नोटिस मिलने पर कदम

यदि आपको ऐसा नोटिस ईमेल या मोबाइल पर मिलता है, तो निम्नलिखित कार्रवाई करें:

 AIS और TIS चेक करें: अपने इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉगिन कर के Annual Information Statement और Taxpayer Information Summary डाउनलोड करें.
 ITR से चेक करें: ये चेक करें कि आपकी बचत खाता ब्याज, डिविडेंड, प्रॉपर्टी सेल आदि की जानकारी ITR में सही तरीके से भरी गई है या नहीं.
 गलती सुधारें: यदि कोई आय छूट गई है या कोई डिडक्शन गलत दावा हुआ है, तो तुरंत रिवाइज्ड ITR फाइल करें.
 ज्यादा टैक्स का भुगतान: यदि टैक्स देय है, तो उसे ब्याज सहित जमा करना समझदारी होगी. इससे भविष्य में पेनल्टी से बचा जा सकता है.

इस तरह एनयूडीजीई नोटिस सिर्फ एक सतर्कता और सुधार का अवसर है, न कि डरने की वजह. सही समय पर कार्रवाई करने से आप अपने टैक्स रिकॉर्ड को साफ और सेफ रख सकते हैं.
 

sanskritij jaipuria
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