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अब महिलाएं कुछ ही पैसों में बना लेंगी अपना आशियाना, घर खरीदने के लिए सरकार दे रही है इतनी छूट

अगर कोई महिला होम लोन लेती है तो उसे 0.05% से 0.10% तक की छूट मिलती है। ये रियायत देखने भले ही कम लग रही हो लेकिन ये लंबे समय में आपके लाखों रुपय की बचत करा सकती है।

Published by Divyanshi Singh

Housing benefits for women: एक समय था जब घर खरीदना पुरुषों का फैसला माना जाता था उसमे महिलाओं का कोई योगदान नहीं माना जाता था। लेकिन अब समय बदल गया है। महिलाएं घर चलाने से लेकर घर बनवाने या खरीदने का फैसला खुद कर रही हैं। महिलाओं के इस तरक्की में सरकार भी महिलाओं  का  सपोर्ट कर रही है। जी हां सरकार महिलाओं को घर खरीदने पर खास छूट और फायदे ऑफर कर रही है। जिसके वजह से महिलाएं लाखों रुपय की बचत कर सकती हैं। अगर आप भी एक महिला हैं और घर खरीदने का सोच रहीं हैं तो जान लें कि कैसे सरकार के ये नियम आपके लाखों रूपय बचा सकते हैं।

ब्याज दर में छूट

बता दें अगर कोई महिला होम लोन लेती है तो उसे 0.05% से 0.10% तक की छूट मिलती है। ये रियायत देखने भले ही कम लग रही हो लेकिन ये लंबे समय में आपके लाखों रुपय की बचत करा सकती है। वहीं बैंक महिलाओं को ज्यादा भरोसेमंद समझता है। 

टैक्स

अगर कोई महिला घर लोन पर लेती है तो उसे  1.5 लाख रुपये (धारा 80C) और 2 लाख रुपये (धारा 24b) तक की रियायत मिलती है। वहीं अगर महिला शादीशुदा  है और पति-पत्नी दोनों घर के को-ऑनर हैं तो दोनों को इस छूट की लाभ मिलेगी। वहींं अगर कोई महिला पहली बार घर खरीद रही है तो उसे 50,000 रुपये की एक्स्ट्रा छूट भी मिल सकती है।

स्टांप ड्यूटी में राहत

वहीं बता दें कि महिलाओं को स्टाम्प ड्यूटी में भी फायदा मिलता है। राजधानी दिल्ली में महिलाओं को पुरुषों से 2% कम स्टांप ड्यूटी देनी होती है। वहीं भारत राजस्थान का बात करें तो राजस्थान में महिलाएं सिर्फ 5% ड्यूटी देती हैं। जनसंख्या के मामले में भारत के सबसे बड़े राज्य यूपी में स्टाम्प ड्यूटी 1 फीसदी कम है।इससे घर की रजिस्ट्री के समय लाखों रुपये की सेविंग मिलती है। बता दें स्टाम्प ड्यूटी एक कानूनी कर है जो संपत्ति से संबंधित लेन-देन के प्रमाण के रूप में कार्य करता है। यह कर राज्य सरकार द्वारा लगाया जाता है और इसकी दरें सभी राज्यों में अलग-अलग होती हैं।

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सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता

प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) जैसी योजनाओं में महिलाओं को संपत्ति का स्वामी या सह-स्वामी बनाना अनिवार्य है, तभी उन्हें सब्सिडी मिलती है। इसी वजह से, खासकर निम्न आय वर्ग की महिलाएं अपने घर की मालिक बन रही हैं। इसलिए अगर आप या आपके परिवार की कोई महिला घर खरीदने की सोच रही हैं, तो यह एक बेहतरीन समय है।

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Divyanshi Singh
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