EPF Transfer Process: प्राइवेट सेक्टर में जॉब करने वालों के लिए एक अच्छी बात है कि उनका PF कटता है. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एक काफी अच्छी चीज है, इससे कीफी बचत होती है. इस प्लान से रिटायरमेंट के टाइम पर काफी मदद मिलती है. EPF में जमा हुए पैसे पर कम टैक्स लगता है साथ ही इसपर ब्याज भी काफी अच्छा मिलता है. लेकिन अगर आपने अपनी नौकरी बदल ली है और अपना पूरा अकाउंट नए में ट्रांसफर नहीं किया है तो आप सोचते होंगे कि ब्याज मिलेगा या नहीं. आइए आपको बताते हैं सबकुछ-
EPF अकाउंट कराना पड़ता है ट्रांसफर
अगर आप अपनी नौकरी बदल रहे हैं तो आपको अपना अकाउंट ट्रांसफर कराना पड़ता है वो खुद से ट्रांसफर नहीं होता है. ऐसे में आपको EPFO मेंबर सेवा से प्रोसेस शुरू कराना होगा. जब तक आप ये सब नहीं करेंगे आपका अकाउंट वहीं रहेगा. Universal Account Number (UAN) तो वही है लेकिन अकाउंट को ट्रांसफर कराना पड़ता है. बहुत सी बार ऐसा होता है कि लोग इसे इग्नोर कर देते हैं उन्हें लगता है अकाउंट में ब्याज उसमे बढ़ता रहेगा.
EPF अकाउंट को ट्रांसफर किए बिना मिलेगा ब्याज?
लोगों को लगता है कि अगर वो अकाउंट ट्रांसफर नहीं कराएंगे तो उन्हें ब्याज मिलता रहेगा लेकिन ये बस 3 साल तक होता है उसके बाद ऐसा नहीं होता है. ये ब्याज आपकी लास्ट सैलरी से काउंट होता है. अगर 36 महीने तक कोई भी प्रोसेस नहीं है तो मतलब की यहां कोई काम नहीं कर रहा है और उसका अकाउंट डिएक्टिवेट हो गया है. इसलिए अगर आपने अपनी नौकरी बदली है तो अपना अकाउंट ट्रांसफर कराएं, न कराने से 3 साल में आपका ब्याज बढ़ना बंद हो जाएगा. इससे आपको काफी नुकसान होगा.
ज्यादा ब्याज का नुकसान क्यों हो सकता?
मान लीजिए आपने साल 2020 में कंपनी बदली, लेकिन पुराने नियोक्ता का EPF खाता नए खाते में ट्रांसफर नहीं कराया. ऐसे में अगर उस खाते में कोई नया योगदान नहीं हुआ, तो करीब 2023 के बाद उस पर ब्याज मिलना बंद हो सकता है. नतीजा ये होता है कि आपका पुराना PF बैलेंस यूं ही पड़ा रहता है, जबकि नई नौकरी में अलग EPF खाते में पैसा जमा हो रहा होता है. इस स्थिति में आपका कुल पैसा बंट जाता है और आपको पूरे अमाउंट पर ब्याज का पूरा लाभ नहीं मिल पाता.
सिर्फ चक्रवृद्धि ब्याज (कंपाउंडिंग) का फायदा ही नहीं घटता, बल्कि जरूरत पड़ने पर पैसा निकालने में भी परेशानी आ सकती है. खासतौर पर तब, जब पुराने EPF खाते में KYC अधूरी हो या बैंक खाता, आधार या अन्य विवरण अपडेट न हों. EPFO की सलाह है कि बैंक खाते को UAN से लिंक रखें, ताकि PF का ट्रांसफर और निकासी बिना रुकावट हो सके.
EPF अकाउंट ट्रांसफर से जुड़ी अहम बातें
अगर आप चाहते हैं कि आपके PF पर अधिकतम ब्याज मिले और रिटायरमेंट की बचत एक ही जगह सेफ रहे, तो इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
नौकरी बदलते ही EPFO मेंबर पोर्टल के जरिए अपने पुराने EPF खाते को नए खाते में ट्रांसफर करा लें.
ये पक्का करें कि आपका UAN एक्टिव है और बैंक खाता, आधार व PAN जैसी KYC जानकारी पूरी तरह अपडेट हो.
समय-समय पर EPF पासबुक चेक करते रहें, ताकि योगदान और मिलने वाले ब्याज की जानकारी बनी रहे.
जब तक बहुत जरूरी न हो, EPF से समय से पहले पैसा निकालने से बचें, क्योंकि लंबी अवधि में इससे ज्यादा फायदा मिलता है.
EPFO ट्रांसफर कराने का प्रोसेस
EPFO पोर्टल खोलें: EPFO की वेबसाइट पर जाएं और अपना UAN, पासवर्ड और कैप्चा डालकर लॉगिन करें.
ऑनलाइन सर्विस चुनें: लॉगिन करने के बाद Online Services में जाएं और One Member – One EPF Account (Transfer Request) पर क्लिक करें.
अपनी जानकारी जांचें: अपनी पर्सनल डिटेल्स और नए एम्प्लॉयर की जानकारी सही है या नहीं, ये कन्फर्म करें.
पुराने PF की जानकारी देखें: Get Details पर क्लिक करें, इससे आपके पुराने एम्प्लॉयर का PF अकाउंट दिखेगा.
अटेस्ट करने वाला एम्प्लॉयर चुनें: क्लेम को वेरिफाई करने के लिए पुराने या नए एम्प्लॉयर में से किसी एक को चुनें.
OTP डालकर सबमिट करें: Get OTP पर क्लिक करें, आधार से जुड़े मोबाइल पर आया OTP डालें और फॉर्म सबमिट करें.
फॉर्म 13 डाउनलोड करें: Form 13 की PDF डाउनलोड करें. पहले इसे एम्प्लॉयर को देना होता था, लेकिन अब ज्यादातर मामलों में डिजिटल अप्रूवल के बाद यह सीधे EPFO को चला जाता है.

