AI Fake News: आज के दौर में फेक न्यूज़ का फैलना काफी बड़ी मात्रा में बढ़ गया है. ऐसे में क्या हो जब आप किसी पर अंधा विशवास करने लगे और वो आपको धोखा दे दे. ऐसा ही कुछ अब हुआ है. AI पर लोग कुछ ज्यादा ही विशवास करने लगे थे, वहीं अब AI भी धोखाधड़ी करने लगा है. कुछ लोगों को उम्मीद थी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इस समस्या का समाधान निकालने में मदद करेगा, लेकिन हो इसके उलट रहा है. एआई अब खुद ही फर्जी खबरें बनाने लगा है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका में एक सोलर कंपनी एआई के ऐसे ही एक कुकृत्य का शिकार हो गई है. एआई द्वारा बनाई गई झूठी खबरों के कारण कंपनी को 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
AI ने की गद्दारी
जानकारी के मुताबिक कंपनी के मालिक का कहना है कि अगर यह खबर नहीं हटाई गई, तो उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ेगा क्योंकि ग्राहकों का कंपनी से भरोसा उठ रहा है. यह ऐसा पहला मामला नहीं है. पिछले दो सालों में अमेरिका में छह ऐसे मुकदमे दायर किए गए हैं जिनमें एआई टूल्स पर गलत और नुकसानदेह जानकारी फैलाने का आरोप है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में मिनेसोटा स्थित सोलर कंपनी वुल्फ रिवर इलेक्ट्रिक के ग्राहकों ने पिछले साल बड़ी संख्या में अपने अनुबंध रद्द करने शुरू कर दिए. कुल 388,000 डॉलर के अनुबंध रद्द होने से कंपनी प्रबंधन चिंतित हो गया. जब उन्होंने इन रद्दीकरणों की जाँच की, तो उन्हें गूगल पर एक खबर मिली जिसमें दावा किया गया था कि कंपनी ने धोखाधड़ी के एक मामले में सरकार के साथ समझौता कर लिया है. वास्तव में, कंपनी पर ऐसा कोई मुकदमा नहीं चला था.
कंपनी पर लगाए झूठे आरोप
बताया जा रहा है कि कंपनी ने गूगल से इस झूठी खबर को हटाने की बहुत कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. जिसके बाद मायूस होकर, कंपनी ने गूगल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया और ₹900 करोड़ का हर्जाना मांगा. इस बीच, गूगल का कहना है कि “नई तकनीक में गलतियां संभव हैं. जैसे ही हमें इनका पता चला, हमने उन्हें ठीक कर दिया.” लेकिन, वुल्फ रिवर से जुड़ी खोजें अभी भी यही दिखाती हैं कि कंपनी मुकदमे के घेरे में है.
NDA या महागठबंधन? जानें कौन सत्ता पर होगा काबिज, कल हो जाएगा क्लियर

