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8th Pay Commission Latest News: 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के बीच लंबे समय से चर्चा और असमंजस की स्थिति बनी हुई है, खासकर उन लोगों में जो 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर हो चुके हैं या होने वाले हैं. सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या तय तारीख से पहले रिटायर होने वाले कर्मचारियों को बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलेगा या नहीं. अब सरकार ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट कर दी है, जिससे लाखों पेंशनर्स को बड़ी राहत मिली है.
सरकार ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के हालिया बयान और Finance Act, 2025 के प्रावधानों के अनुसार, पेंशनर्स के साथ रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर किसी तरह का भेदभाव करने का कोई नया नियम नहीं जोड़ा गया है. मंत्री ने साफ किया कि 31 दिसंबर 2025 से पहले या बाद में रिटायर होने के आधार पर पेंशन में अलग-अलग व्यवहार नहीं किया जाएगा. यह बयान उन आशंकाओं को दूर करता है, जो हर नए वेतन आयोग के समय सामने आती हैं.
पेंशनर्स को सरकार का तोहफा!
आमतौर पर जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो कर्मचारी इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि अगर वे संभावित लागू तिथि, जैसे 1 जनवरी 2026, से ठीक पहले रिटायर हो जाते हैं, तो कहीं उन्हें पुराने वेतनमान के आधार पर ही पेंशन न मिलती रहे. हालांकि सरकार के ताजा रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि ऐसा नहीं होगा.
1 जनवरी 2026 से लागू हुआ तो क्या बदलाव आएगा?
अगर 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होता है, तो इसका असर दो तरह से देखने को मिलेगा. जो कर्मचारी इस तारीख के बाद रिटायर होंगे, उनकी पेंशन सीधे नए बेसिक पे के आधार पर तय की जाएगी. वहीं, जो पेंशनर्स 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर हो चुके हैं, उनकी पेंशन को एक तय फिटमेंट फैक्टर के जरिए रिवाइज किया जाएगा, जैसा कि पिछले वेतन आयोगों में होता रहा है.
फिटमेंट फैक्टर को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 2.81 से 3.68 के बीच रह सकता है. इसके अलावा, मौजूदा समय में 9,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद बढ़कर करीब 25,000 रुपये तक जा सकती है.
सरकार के स्पष्टीकरण से यह साफ हो जाता है कि 31 दिसंबर 2025 कोई ऐसी डेडलाइन नहीं है, जो पेंशनर्स को बढ़े हुए लाभ से वंचित कर दे. पहले की तरह इस बार भी पुराने पेंशनभोगियों की पेंशन को संशोधित किया जाएगा, ताकि वे बढ़ती महंगाई के दौर में पीछे न छूटें.