Chandra Grahan Timing | Moonrise Timings City Wise list | Aaj Ka Grahan Ka Time: साल का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार (3 मार्च, 2026) दोपहर बाद 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा. यह 6 बजकर 40 मिनट तक होगा और पूरे भारत में 6 बजकर 47 मिनट तक समाप्त हो जाएगा. इसमें रोचक यह है कि साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च, 2026 को होली से ठीक एक दिन पहले लग रहा है. आसमान में पूरा चंद्र ग्रहण लगेगा. इस दौरान धरती से चांद और सूरज ढक जाते हैं. इसके चलते धरती की छाया से चांद ढक जाता है. इस दौरान यह कभी-कभी लाल रंग का दिखाई देता है. इस लाल रंग के प्रभाव को ही ब्लड मून कहा जाता है. खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्र ग्रहण का आखिरी हिस्सा ज़्यादातर भारत में लोगों को दिखाई देगा, क्योंकि देश के ज़्यादातर हिस्सों में चांद देर से निकलता है. यहां पर हम बता रहे हैं कि दिल्ली-एनसीआर समेत देश के बड़े शहरों में कब-कब चांद निकलेगा?
दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के लोग चंद्र ग्रहण को उसके आखिरी समय में देख पाएंगे. दिल्ली में मंगलवार को चांद शाम 6 बजकर 29 मिनट के आसपास निकलेगा. वैसे इस समय तक चंद्र ग्रहण लगभग समाप्त हो गया होगा. दिल्ली के लोग चांद को धरती की परछाई से निकलते हुए आसमान में ऊपर जाते हुए देख सकेंगे.
मुंबई: मुंबई में चांद मंगलवार को शाम 6 बजकर 41 मिनट के आसपास निकलेगा. इस दौरान विज़िबिलिटी बहुत कम होगी. ऐसे में चंद्र ग्रहण शायद ही मुंबई के लोग देख पाएं. इस दौरान बाद ग्रहण का एक छोटा सा हिस्सा ही देखा जा सकता है.
बेंगलुरु: बेंगलुरु में चांद शाम 6 बजकर 22 मिनट के आसपास निकलेग. लोगों को साल के पहले चंद्र ग्रहण के दौरान चांद पर हल्का लाल रंग का शेड दिख सकता है.
कोलकाता: भारत के बड़े शहरों में कोलकाता में चांद निकलने का समय शाम करीब 5 बजकर 59 मिनट है. पश्चिमी भारत की तुलना में ग्रहण का ज़्यादा हिस्सा दिख सकता है. यहां पर लोग फुर्सत में चंद्र ग्रहण देख सकेंगे.
चेन्नई : चेन्नई में चांद कई उत्तरी शहरों की तुलना में थोड़ा पहले निकल सकता है. ऐसे में चांद निकलने के बाद ग्रहण देखने के लिए करीब 30 मिनट या उससे ज़्यादा समय मिल सकता है.
भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में सबसे अच्छा दिखेगा चंद्र ग्रहण
खगोल वैज्ञानियों के मुताबिक, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा जैसे दूसरे राज्यों में लाल रंग के चांद का ज़्यादातर हिस्सा देखा जा सकेगा. इसके अलावा राजधानी कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी ग्रहण का एक अच्छा हिस्सा देखा जा सकेगा.

