Punjab And Haryana High Court: चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा के मुख्यालय के बाहर हुए ब्लास्ट के एक दिन बाद एक और बड़ी खबर सामने आई है. सामने आ रही जानकारी के मुताबिक पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. खबरों के मुताबिक धमकी चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय को ईमेल के जरिए भेजी गई.
इस धमकी के बाद गुरुवार, 2 अप्रैल को सामने आए इस इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. घटना ने प्रशासनिक तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है, खासकर तब जब शहर पहले ही एक विस्फोट की घटना से जूझ रहा है.
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
धमकी मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत हाई कोर्ट परिसर में तैनात कर दिया गया. पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी गई. डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड ने भी परिसर और आसपास के इलाकों की जांच की. सुरक्षा के लिहाज से एंट्री और मूवमेंट को नियंत्रित किया गया ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके. प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके.
बीजेपी ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद बीजेपी ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी मुख्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस की थी, लेकिन इसके बावजूद ब्लास्ट हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार परोक्ष रूप से उन तत्वों के प्रभाव में काम कर रही है, जिन्हें बाहर से फंडिंग मिल रही है. शर्मा ने यह भी कहा कि हमलावर अब घटनाओं के वीडियो बनाकर फैलाने लगे हैं, जो हालात की गंभीरता को दर्शाता है.
सीएम भगवंत मान का पलटवार
इन आरोपों पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि बीजेपी को अपनी जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए और बेबुनियाद आरोप लगाने से बचना चाहिए. मान ने यह भी कहा कि जब वह चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी बताते हैं, तो उन्हें गद्दार कहा जाता है. इस पूरे विवाद ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है, जहां कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पहले से ही आलोचनाओं का सामना कर रही है.
पुलिस के हाथ अभी खाली
बुधवार शाम हुए ब्लास्ट में कई गाड़ियों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवारों पर छर्रों के निशान मिले. घटना के दो वीडियो भी सामने आए हैं—एक में कथित तौर पर एक व्यक्ति ग्रेनेड फेंकता दिख रहा है, जबकि दूसरे में बाइक सवार दो संदिग्ध नजर आते हैं. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें एक खालिस्तानी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है.