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गाजा मामले पर इजराइल-अमेरिका के अरमानों पर फिरा पानी, एक और सुपरपावर ने कर दिया बड़ा खेला!

Israel Palestine Conflict: ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बाद अब फ्रांस ने भी फिलिस्तीन को राज्य के रूप में मान्यता दे दी है. हालांकि, इजराइल ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है.

Published by Sohail Rahman

Israel Palestine Conflict Latest Updates: गाजा में चल रहे युद्ध के बीच एक और सुपरपावर ने फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता दे दी है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) के स्थायी सदस्य फ्रांस ने सोमवार को यूएन जनरल असेंबली (UN General Assembly) में इसकी घोषणा की. यह घोषणा मध्य-पूर्व में संघर्ष के दो-राज्य समाधान के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से एक उच्च-स्तरीय बैठक की शुरुआत में की गई थी. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की घोषणा पर 140 से अधिक विश्व नेताओं ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया. फिलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल और यूएन में उनके राजदूत रियाद मंसूर भी खड़े होकर तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने क्या कहा? (What did French President Emmanuel Macron say?)

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि मध्य-पूर्व और इजराइल-फिलिस्तीन के बीच शांति के लिए मेरे देश की ऐतिहासिक प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए मैं आज घोषणा करता हूं कि फ्रांस फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देता है. हालांकि, इजराइल और अमेरिका ने इस कदम का विरोध किया है, क्योंकि वे इसे 7 अक्टूबर के हमले के लिए हमास को इनाम मानते हैं. यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (UN Secretary-General Antonio Guterres) ने कहा कि फिलिस्तीनियों के लिए राज्य का दर्जा एक अधिकार है, इनाम नहीं. इस बयान से इजराइली सरकार के रुख को चुनौती मिली, जो मान्यता को हमास के लिए समर्थन के रूप में देखती है.

ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने भी किया समर्थन (Britain, Canada and Australia also expressed their support)

ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया ने भी फिलिस्तीन को मान्यता दी. इससे पहले रविवार को ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगाल ने भी फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता दी थी, और अगले कुछ दिनों में कुल 10 देशों के ऐसा करने की उम्मीद है. यूएन के 193 सदस्य देशों में से लगभग तीन-चौथाई पहले ही फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं, लेकिन प्रमुख पश्चिमी देश पहले ऐसा करने से बचते रहे हैं. फिलिस्तीनी इस कदम का स्वागत कर रहे हैं और इसे आजादी की उम्मीद की किरण मान रहे हैं.

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बेंजामिन नेतन्याहू ने किया खारिज (Benjamin Netanyahu rejected it)

गाजा शहर से दक्षिण की ओर भाग रहे हजारों लोगों में से शामिल फावजी नूर अल-दीन ने कहा कि यह एक शुरुआत है, फिलिस्तीनी लोगों के लिए उम्मीद की किरण है. हम एक ऐसे लोग हैं जो अपने देश के हकदार हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय वेस्ट बैंक, गाजा और ईस्ट जेरूसलम में फिलिस्तीनी राज्य के गठन का व्यापक रूप से समर्थन करता है – ये वे क्षेत्र हैं जिन पर 1967 के छह-दिवसीय युद्ध के दौरान इजराइल का कब्जा था. हालांकि, बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली इजरायली सरकार ने फिलिस्तीनी राज्य के विचार को खारिज कर दिया है और गाजा में सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है.

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