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Israel Gaza War: हमास के एक-एक आतंकियों को ठिकाने लगाकर ही मानेगा इजरायल, नेतन्याहू की कसम जल्द होगी पूरी

Israel Gaza War: इजरायली सेना ने फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास के संस्थापक मोहम्मद अल-इस्सा को मार गिराया है। इस संबंध में इजरायली सेना आईडीएफ की ओर से एक बयान जारी किया गया।

Published by Sohail Rahman

Israel Gaza War: इजरायली सेना ने फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास के संस्थापक मोहम्मद अल-इस्सा को मार गिराया है। इस संबंध में इजरायली सेना आईडीएफ की ओर से एक बयान जारी किया गया। इजरायली सेना ने गाजा शहर के सबरा इलाके पर हमला किया, जिसमें अल-इस्सा, उनकी पत्नी और पोते की भी मौत हो गई। आपको जानकारी के लिए बता दें कि, अल-इस्सा हमास का आतंकवादी था। वह हमास के संस्थापकों में से एक था और वर्तमान में हमास आतंकवादियों का प्रशिक्षक था, लेकिन गाजा में इजरायली सेना के हमले में हमास के सैन्य प्रशिक्षक हाखम अल-इस्सा की मौत आतंकवादी समूह के नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका है।

7 अक्टूबर 2023 के हमले का था मास्टरमाइंड

एनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास का संस्थापक अल-इस्सा 7 अक्टूबर 2023 को गाजा में होने वाले नरसंहार का मास्टरमाइंड था। उसने नरसंहार की योजना बनाई और नरसंहार को अंजाम भी दिया। 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया। हमले में 1200 से ज्यादा लोग मारे गए। 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया। करीब 2 साल बाद भी गाजा में 50 लोग अभी भी बंधक हैं, लेकिन माना जाता है कि उनमें से 28 की मौत हो चुकी है।

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गाजा में मारे गए 56000 से ज्यादा लोग

इजरायल ने गाजा पट्टी पर जवाबी कार्रवाई की। तब से लेकर अब तक इजरायल और हमास के बीच युद्ध में 56,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और हजारों घायल हुए हैं। इजरायल ने 7 अक्टूबर के क्रूर नरसंहार के लिए जिम्मेदार आतंकवादी संगठनों के सभी आतंकवादियों को मार गिराने का संकल्प लिया है। 7 अक्टूबर के हमले के बाद से इजरायली सेना ने मोहम्मद सिनवार समेत हमास के कई बड़े अधिकारियों को मार गिराया है। इजरायल की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि अल-इस्सा साल 2005 में सीरिया से गाजा आया था।

हमास का नेता था अल-इस्सा

अल-इस्सा गाजा पट्टी में हमास का नेता था। वह हमास की सेना शाखा का संस्थापक था। वह हमास के प्रशिक्षण केंद्र का प्रमुख था और हमास की जनरल सुरक्षा परिषद का सदस्य भी था इसलिए उन्हें सेना के प्रशिक्षण और तकनीक का अनुभव था, जिसका लाभ उठाकर उन्होंने हमास की सैन्य शाखा और सैन्य अकादमी की स्थापना की। अपनी मृत्यु से पहले उन्होंने हजारों हमास आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया था।

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