Imran Khan health Pakistan: पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर अहम निर्देश जारी किए. अदालत ने अधिकारियों को आदेश दिया कि खान की सेहत का विस्तृत आकलन करने के लिए एक स्वतंत्र चिकित्सा बोर्ड का गठन किया जाए. यह निर्देश उस समय आया है जब उनकी एक आंख की रोशनी कम होने की खबरें सामने आई हैं.
इमरान खान के बेटे से बात कराने को भी कहा
मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी और न्यायमूर्ति शाहिद बिलाल हसन की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इमरान खान का स्वास्थ्य सबसे पहले है और इस मामले में आवश्यक हस्तक्षेप किया जाना चाहिए. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि खान और उनके दो बेटों के बीच संपर्क सुनिश्चित किया जाए. उनके बेटे अपनी मां, ब्रिटिश निर्माता और पटकथा लेखिका जेमिमा गोल्डस्मिथ, के साथ यूनाइटेड किंगडम में रहते हैं. मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि बेटे से फोन पर बातचीत भी उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है.
किसी भी कैदी को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना राज्य की जिम्मेदारी
यह आदेश उस याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया, जो पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक-अध्यक्ष की जेल स्थितियों से संबंधित है. अदालत ने 16 फरवरी से पहले विस्तृत चिकित्सा जांच पूरी करने का निर्देश भी दिया है. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान ने कहा कि किसी भी कैदी को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना राज्य की जिम्मेदारी है. इससे दो दिन पहले अदालत ने पीटीआई नेता और वरिष्ठ वकील सलमान सफदर को रावलपिंडी की अडियाला जेल में इमरान खान से मुलाकात कर स्थिति का आकलन करने को कहा था. खान 5 अगस्त 2023 से भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद इसी जेल में बंद हैं. सफदर ने मुलाकात के बाद अदालत में अपनी विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की. 2 दिसंबर के बाद यह उनकी पहली मुलाकात थी; इससे पहले खान की बहन उज़मा खान को उनसे 20 मिनट मिलने की अनुमति मिली थी.
इमरान खान की आंख की रोशनी हो गई है कम
स्थानीय अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, सफदर की रिपोर्ट में जेल में खान की कोठरी की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, रहने की परिस्थितियां और जेल तक पहुंचने की प्रक्रिया का विस्तार से उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इमरान खान ने वकील को बताया कि उपचार और इंजेक्शन के बावजूद उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि केवल 15 प्रतिशत रह गई है.
समय पर इलाज न मिलने से आंखों की रोशनी हुई कम
खान के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक उनकी दोनों आंखों की रोशनी सामान्य थी. बाद में उन्हें धुंधला दिखने की शिकायत शुरू हुई, जिसे उन्होंने जेल प्रशासन के संज्ञान में लाया, लेकिन कथित तौर पर समय पर कार्रवाई नहीं हुई. रिपोर्ट में उल्लेख है कि बाद में उनकी दाहिनी आंख की रोशनी अचानक चली गई. इसके बाद पीआईएमएस अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. मुहम्मद आरिफ को जांच के लिए बुलाया गया, जहां शरीर में खून का थक्का जमने की पुष्टि हुई, जिससे आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा. हालांकि, मुलाकात के दिन सफदर ने पत्रकारों से कहा था कि इमरान खान “ठीक और स्वस्थ” हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर किसी भी बयान को गलत तरीके से पेश न किया जाए.

