Trump Attack Kharg Island: ईरान से लेकर इजराइल और अमेरिका तक लगातार तनाव जारी है और हमले की खबरे भी लगातार सामने आ रही हैं. बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका ने ईरान के तेल केंद्र खर्ग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की है और अमेरिकी नौसेना जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा देना शुरू कर देगी. वहीं ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि खर्ग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकाने, जहां से ईरान के लगभग पूरे कच्चे तेल का निर्यात होता है, मध्य पूर्व के इतिहास की “सबसे शक्तिशाली बमबारी में से एक” के दौरान “पूरी तरह से तबाह” कर दिए गए हैं.
क्या बोले ट्रंप
इतना ही नहीं, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने फिलहाल द्वीप पर मौजूद तेल के बुनियादी ढांचे को निशाना न बनाने का फैसला किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे हथियार दुनिया के सबसे शक्तिशाली और अत्याधुनिक हथियार हैं, लेकिन शालीनता के नाते मैंने द्वीप पर मौजूद तेल के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से तबाह न करने का फैसला किया है. हालांकि, अगर ईरान या कोई और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के स्वतंत्र और सुरक्षित आवागमन में किसी भी तरह की बाधा डालता है, तो मैं तुरंत अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करूंगा.”
ईरान से हथियार डालने की कही बात
इसके अलावा उन्होंने कहा कि ईरान में “ऐसी किसी भी चीज़ की रक्षा करने की क्षमता नहीं है, जिस पर हम हमला करना चाहें. उन्होंने कहा कि वो इसके बारे में कुछ भी नहीं कर सकते! ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे, और न ही उसके पास अमेरिका, मध्य पूर्व या पूरी दुनिया को धमकाने की क्षमता होगी! ईरान की सेना और इस आतंकवादी शासन से जुड़े अन्य सभी लोगों के लिए यही समझदारी होगी कि वे अपने हथियार डाल दें और अपने देश का जो कुछ भी बचा है, उसे बचा लें, वैसे भी अब ज़्यादा कुछ बचा नहीं है.” तेल की कीमतों में भारी उछाल के बीच, ट्रंप से पूछा गया कि अमेरिकी नौसेना खाड़ी के महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को सुरक्षा देना कब शुरू करेगी. उन्होंने कहा, “यह जल्द ही होगा, बहुत जल्द.”
विश्व पर पड़ेगा इस हमले का असर?
एक रिटायर्ड सैन्य अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया से कहा, “खर्ग द्वीप पर हमला करके, हमने इस संघर्ष में दाव को काफ़ी बढ़ा दिया है. अब यह सिर्फ़ ‘सेना को हटाने, सरकार को हटाने’ तक ही सीमित नहीं रह गया है; बल्कि, अब हम इस देश की आर्थिक जीवनरेखा को ही काटने की कोशिश कर रहे हैं.” इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका इस द्वीप को बंधक बनाकर रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों को गुज़रने की अनुमति दे, जिसे बंद करने से कच्चे तेल की कीमतें पहले ही आसमान छूने लगी हैं. हालाँकि, अगर उस तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया, तो यह साफ़ है कि ईरान मध्य पूर्व के अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करके जवाबी कार्रवाई करेगा. और उस मोड़ पर, तेल की कीमतें पूरी तरह से बेकाबू हो जाएँगी.

