COVID-19 Cicada Variant: दुनियाभर में कोरोना वायरस का एक नया सब-वेरिएंट BA.3.2 सामने आया है, जिसे वैज्ञानिकों ने ‘सिकाडा’ (Cicada) नाम दिया है. यह नाम इसके व्यवहार के कारण रखा गया है—जैसे सिकाडा कीड़ा लंबे समय तक छिपा रहता है और अचानक बड़ी संख्या में सामने आता है, वैसे ही यह वेरिएंट भी लंबे समय तक नजरों से बचा रहा और अब तेजी से फैल रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह वेरिएंट अब तक 23 देशों में पहुंच चुका है और इसकी अप्रत्याशित प्रकृति चिंता का विषय बनी हुई है.
भारी म्यूटेशन बना बड़ी चुनौती
सिकाडा वेरिएंट की सबसे खतरनाक विशेषता इसका अत्यधिक म्यूटेशन है. इसके स्पाइक प्रोटीन में 70 से 75 बदलाव पाए गए हैं, जो इसे पहले के वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा जटिल बनाते हैं. उदाहरण के लिए, JN.1 जैसे वेरिएंट्स में केवल 30-40 म्यूटेशन थे. स्पाइक प्रोटीन ही वायरस का वह हिस्सा होता है जिससे यह शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करता है. इतने अधिक बदलावों के कारण यह वेरिएंट शरीर की मौजूदा इम्युनिटी और वैक्सीन से मिले सुरक्षा कवच को भी कमजोर कर सकता है.
वैश्विक स्तर पर फैलाव
इस नए वेरिएंट की पहचान सबसे पहले नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में हुई थी. इसके बाद यह तेजी से अन्य देशों में फैल गया. अमेरिका में भी इसके मामले सामने आए हैं, जहां 25 राज्यों में वेस्टवॉटर सर्विलांस और एयरपोर्ट स्क्रीनिंग के जरिए इसकी मौजूदगी का पता चला है. वैज्ञानिक लगातार इसके प्रसार पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इसकी फैलने की क्षमता अधिक मानी जा रही है.
लक्षण पुराने जैसे, लेकिन खतरा नया
सिकाडा वेरिएंट के लक्षण ओमिक्रॉन के अन्य सब-वेरिएंट्स से मिलते-जुलते हैं, जिससे इसे पहचानना मुश्किल हो सकता है. संक्रमित व्यक्ति को गले में खराश, सूखी खांसी, नाक बंद होना, थकान, सिरदर्द और बुखार हो सकता है. इसके अलावा, कुछ मामलों में पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे मतली और दस्त भी देखे गए हैं. यही कारण है कि लोग इन लक्षणों को हल्के में ले सकते हैं, जो आगे चलकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है.
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वेरिएंट से बचाव के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है. मास्क पहनना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और भीड़भाड़ से बचना जैसे उपाय अब भी प्रभावी हैं. साथ ही, किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत जांच करवाना और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है. वैज्ञानिक इस वेरिएंट पर लगातार शोध कर रहे हैं ताकि इसके प्रभाव और बचाव के तरीकों को बेहतर तरीके से समझा जा सके.
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