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Bengaluru Auto Driver:‘रियल हीरो’ कहकर लोग कर रहे हैं बेंगलुरु के ऑटो ड्राइवर को सलाम, पिता के संघर्ष की कहानी कर देगी भावुक

बेंगलुरु में एक ऑटो ड्राइवर अपनी पत्नी के निधन के बाद अकेले अपनी बेटी की परवरिश कर रहा है. आर्थिक मजबूरी के कारण वह बेटी को घर पर छोड़कर काम पर नहीं जा सकता, इसलिए उसे रोज अपने साथ ऑटो में लेकर निकलता है.

Published by Ranjana Sharma

Bengaluru auto driver: पिता का रिश्ता दुनिया के हर रिश्ते से अलग और खास होता है। वह हर परिस्थिति में अपने बच्चों की ढाल बनकर खड़ा रहता है. ऐसी ही एक मार्मिक कहानी बेंगलुरु से सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को भावुक कर दिया है.

मां की मौत के बाद पिता बना सहारा

बेंगलुरु में ऑटो चलाकर अपने परिवार का गुजारा करने वाले एक शख्स की जिंदगी उस वक्त बदल गई, जब उनकी पत्नी का निधन हो गया. पत्नी के जाने के बाद घर में सिर्फ वह और उनकी बेटी ही रह गए. मां के साये से वंचित हो चुकी इस बच्ची की जिम्मेदारी अब पूरी तरह पिता के कंधों पर आ गई. आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं कि काम छोड़ा जा सके और न ही कोई ऐसा सहारा कि बच्ची को घर पर छोड़कर निश्चिंत होकर काम पर जाया जा सके. ऐसे में इस पिता ने एक रास्ता निकाला वह अपनी बेटी को रोज अपने साथ ऑटो में लेकर निकलने लगा.

बेटी को अकेला छोड़ना संभव नहीं

दिनभर सवारी ढोते समय बच्ची कभी आगे की सीट पर चुपचाप बैठी रहती है, तो कभी पिता के पास ही सिमटकर सो जाती है. तेज धूप हो या ट्रैफिक का शोर, मासूम अपनी छोटी-सी दुनिया में पिता के भरोसे सुरक्षित महसूस करती है. कई बार सवारी भी इस दृश्य को हैरान रह जाती है. हाल ही में एक यात्री की नजर इस बच्ची पर पड़ी. उसने ऑटो चालक से बातचीत की और पूरी कहानी जानी. जब ड्राइवर ने बताया कि पत्नी की मौत के बाद बेटी को अकेला छोड़ना संभव नहीं, इसलिए वह उसे हर जगह अपने साथ रखता है, तो यात्री भी भावुक हो गया. इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है.

लोगों ने बताया रियल हीरो

वीडियो में दिख रहा है कि पिता अपनी बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित भी है, लेकिन हिम्मत नहीं हार रहा. वह चाहता है कि उसकी बेटी पढ़-लिखकर कुछ बने और अपने और पिता के सपनों को साकार करे. सीमित संसाधनों के बावजूद वह अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हट रहा. सोशल मीडिया पर लोग इस पिता के जज्बे को सलाम कर रहे हैं. कई यूजर्स ने इसे ‘रियल हीरो’ बताया है. कुछ लोगों ने मदद की पेशकश भी की है. यह कहानी न सिर्फ एक पिता के संघर्ष की है, बल्कि उस अटूट प्रेम और जिम्मेदारी की भी है, जो हर हाल में अपने बच्चे के लिए रास्ता बनाती है.

Ranjana Sharma
Published by Ranjana Sharma

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