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लखनऊ में बड़ा आतंकी प्लान फेल, ATS ने 4 संदिग्धों को दबोचा; इस जगह धमाका करने की थी योजना

UP ATS Operation: गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ और नोएडा के रहने वाले युवकों के रूप में हुई है.

By: Shubahm Srivastava | Published: April 3, 2026 9:27:03 PM IST



Lucknow Four Terrorists Arrested: उत्तर प्रदेश एटीएस को लखनऊ में बड़ी सफलता मिली, जब चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया. ये सभी चारबाग रेलवे स्टेशन के आसपास बड़ी साजिश को अंजाम देने पहुंचे थे, लेकिन समय रहते सुरक्षाबलों ने उन्हें पकड़ लिया.

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ और नोएडा के रहने वाले युवकों के रूप में हुई है. इनमें मुख्य आरोपी साकिब उर्फ डेविड बताया गया, जो पेशे से नाई का काम करता था. अन्य आरोपियों में अरबाब, विकास गहलावत उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पंडित शामिल हैं. ये सभी अलग-अलग पृष्ठभूमि से आते हुए भी एक संगठित गिरोह का हिस्सा बन चुके थे.

पाकिस्तान से कनेक्शन

जांच में सामने आया कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था. पाकिस्तान से उन्हें निर्देश दिए जाते थे. गिरोह का मकसद देश के महत्वपूर्ण संस्थानों और राजनीतिक व्यक्तियों की रेकी कर उनकी जानकारी साझा करना और फिर हमले की साजिश रचना था.

चारबाग में हमले की साजिश

एटीएस के मुताबिक, ये आतंकी लखनऊ के चारबाग इलाके में रेलवे सिग्नल और अन्य संपत्तियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे. उनके पास से ज्वलनशील पदार्थ, कई स्मार्टफोन, पर्चे और पहचान पत्र बरामद किए गए. इससे साफ होता है कि वे आगजनी या विस्फोट जैसी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे.

पैसे के लिए अपराध का रास्ता

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य पैसों के लालच में देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हुए थे. वे पहले भी आगजनी की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे और उसका वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजते थे. इसके बदले उन्हें क्यूआर कोड के जरिए पैसे मिलते थे, जिससे वे और अधिक सक्रिय होते गए.

कई शहरों में रेकी का नेटवर्क

जांच में सामने आया कि यह गिरोह गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में रेलवे सिग्नल, वाहनों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कर चुका था. उन्हें गूगल लोकेशन के जरिए टारगेट भेजे जाते थे. यह मामला दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया और तकनीक का दुरुपयोग कर देश विरोधी साजिशें रची जा रही हैं, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया.

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