Naseemuddin Siddiqui biography: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है. कभी मायावती के करीबी रहे और फिर राहुल गांधी का साथ निभाने वाले कद्दावर नेता कांग्रेस छोड़ने बाद अब समाजवादी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपने 70 से अधिक समर्थकों के साथ अखिलेश यादव का हाथ मजबूत करने के लिए रविवार (15 फरवरी, 2026) को समाजवादी पार्टी का दामन थामेंगे. ऐसे में लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि क्या अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी में आजम खान का विकल्प तलाश लिया है, जो काफी समय से जेल में हैं और पूर्व सीएम से नाराज भी बताए जा रहे हैं.
कभी थे मायावती के करीब
एक दौर था जब पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी क्षेत्र के प्रांतीय अध्यक्ष थे. इससे भी पहले नसीनुद्दीन सिद्दीकी की गिनती बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के करीबी नेताओं के रूप में होती थी. वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में हमेशा से ही मायावती करीब खड़े होते थे. अंदरूनी राजनीति और मतभेदों को चलते यूपी के बुंदेलखंड क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले नसीमुद्दीन को वर्ष 2017 में ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद मायावती ने बसपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया था.
लगाया था मायावती पर ब्लैकमेल करने का आरोप
मायावती ने बसपा से निष्कासित करने के साथ ही नसीमुद्दीन पार्टी विरोधी काम करने का आरोप लगाया था. उधर, इस आरोप पर बौखलाए नसीमुद्दीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बसपा प्रमुख मायावती पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था और इसे साबित करने के लिए उन्होंने एक ऑडियो टेप भी जारी किया.
कांग्रेस में हुए शामिल
बसपा से निकाले जाने के बाद नसीमुद्दीन ने राहुल गांधी का हाथ मजबूत करने के लिए कांग्रेस का दामन थाम लिया था. यह अलग बात है कि कांग्रेस को इसका कोई खास फायदा नहीं हुआ. कांग्रेस में रहने के दौरान नसीमुद्दीन की पहचान एक उत्तर प्रदेश के एक बड़े मुस्लिम नेता के तौर पर रही. इस दौरान कांग्रेस ने उनका कद भी काफी बढ़ाया था, लेकिन वह एक तरह से गुमनाम नेता के तौर पर ही रहे.
कितनी है नेटवर्थ
नामांकन पत्र के साथ दाखिल शपथ पत्र के मुताबिक, नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पास कुल 13.73 करोड़ रुपये की संपत्ति है. 2015 में दाखिल शपथ पत्र में उनके पास 3.92 करोड़ और उनकी पत्नी के पास 4.49 करोड़ रुपये की संपत्ति का जिक्र किया था. उनकी पत्नी हुस्ना सिद्दीकी के पास 4.49 करोड़ की संपत्ति है. इसके साथ ही एक इनोवा गाड़ी और उनकी पत्नी के पास एक जीप है. उन पर एक क्रिमिनल केस भी है.
बसपा के पहले मुस्लिम विधायक
बुंदेलखंड के बांदा जिले के एक छोटे से गांव गिरवा में जन्में नसीमुद्दीन का परिवार का राजनीति से दूर-दूर तक का संबंध नहीं था. 1991 में बसपा के पहले मुस्लिम विधायक बने नसीमुद्दीन सिद्दिकी को उनके बड़े भाई जमीरउद्दीन सिद्दीकी राजनीति में लेकर आए. वह बसपा संस्थापक काशीराम के बहुत करीबी थे. वर्ष 1991 में नसीमुद्दीन बसपा से चुनाव लड़े और जीते. वह बांदा और बसपा के पहले मुस्लिम विधायक बने. वर्ष 2007 में बसपा की सरकार बनी तो नसीमुद्दीन मिनी मुख्यमंत्री कहलाने लगे. उन्होंने मायावती को हर तरह से सपोर्ट किया.
वालीबॉल के नेशनल लेवल के प्लेयर रह चुके हैं नसीमुद्दीन सिद्दिकी
सेहत से मजबूत नसीमुद्दीन सिद्दिकी का खेलों की तरफ काफी रुझान था. वह वालीबॉल के नेशनल लेवल के प्लेयर रह चुके हैं. बतौर ठेकेदार उन्होंने रेलवे के एक कॉन्ट्रैक्टर के रूप में भी काम किया. इसके बाद वर्ष 1988 में नसीमुद्दीन ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. उन्होंने सबसे पहले बांदा नगर निगम के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा, लेकिन हार मिली. 1999 में बसपा में शामिल होकर चुनाव लड़े और जीते. यह अलग बात है कि वह लगातार दो चुनाव हारे भी.

