What Is Lakshmi Narayan Rajyog | Lakshmi Narayan Rajyog Benefits | Lakshmi Narayan Rajyog Meaning: इस बार महाशिवरात्रि का पर्व खास ज्योतिषीय संयोग के साथ मनाया जा रहा है. इस पावन दिन पर लक्ष्मी नारायण राजयोग बन रहा है, जिसे वैदिक ज्योतिष में अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस योग के प्रभाव से धन, समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है.
क्या होता है लक्ष्मी नारायण राजयोग?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब जन्म कुंडली या गोचर में भगवान विष्णु (नारायण) के कारक ग्रह बृहस्पति और माता लक्ष्मी से जुड़े ग्रह शुक्र अनुकूल स्थिति में होते हैं या परस्पर संबंध बनाते हैं, तब लक्ष्मी नारायण राजयोग बनता है. यह योग विशेष रूप से तब प्रभावी माना जाता है जब बृहस्पति और शुक्र केंद्र (1, 4, 7, 10) या त्रिकोण (1, 5, 9) भाव में मजबूत स्थिति में हों और शुभ दृष्टि दे रहे हों. यह संयोग व्यक्ति को आर्थिक उन्नति, सामाजिक प्रतिष्ठा और वैभव दिलाने वाला माना जाता है.
महाशिवरात्रि पर इसका विशेष महत्व
महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा पर्व है. इस दिन शिव और शक्ति की पूजा से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है. यदि इसी दिन लक्ष्मी नारायण राजयोग बन रहा हो तो इसका महत्व और बढ़ जाता है.
लक्ष्मी नारायण राजयोग में होते हैं ये लाभ
- इस दिन की गई पूजा-अर्चना का फल कई गुना बढ़ जाता है.
- धन से जुड़ी परेशानियों में राहत मिल सकती है.
- व्यापार और नौकरी में तरक्की के योग बनते हैं.
- दांपत्य जीवन में सुख और स्थिरता आती है.
क्या करें इस दिन?
- शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
- “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
- विष्णु और लक्ष्मी जी की भी पूजा करें।
- जरूरतमंदों को दान करें, खासकर अन्न और वस्त्र।
- मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई साधना और दान-पुण्य जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इन राशियों के लिए लक्ष्मी नारायण योग होता है शुभ और अशुभ
हालांकि, यह संयोजन आमतौर पर मेष, धनु, वृश्चिक और मीन लग्न वाले लोगों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है. दूसरी ओर, यह वृषभ, मिथुन, कन्या और तुला लग्न वाले लोगों के लिए मजबूत और अनुकूल होता है.

