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Vivaah Panchami 2025: विवाह पंचमी के दिन क्यों नहीं की जाती है शादी? जानें वजह

Vivaah Panchami 2025: विवाह पंचमी एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की स्मृति में मनाया जाता है. ये त्योहार हर साल नवंबर या दिसंबर के माह में मनाया जाता है. इस बार ये त्योहार 25 नवंबर को मनाया जा रहा है.

Published by Shivi Bajpai

Vivaah Panchami 2025: विवाह पंचमी एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की स्मृति में मनाया जाता है.यह त्योहार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है, जो आम तौर पर नवंबर या दिसंबर के महीने में आता है. इस वर्ष, विवाह पंचमी 25 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी. इस दिन, लोग भगवान श्रीराम और माता सीता की पूजा करेंगे, और उनके आदर्श विवाह का स्मरण करेंगे. इस दिन, भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की कहानी को पढ़ा और सुना जाता है, और उनके आदर्श विवाह का स्मरण किया जाता है. 

लेकिन क्या आप जानते हैं कि विवाह पंचमी के दिन शादी करने से लोग क्यों मना करते हैं? इसका कारण यह है कि भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा था. उनके विवाह के बाद, भगवान श्रीराम को 14 वर्षों का वनवास हुआ था, और माता सीता को रावण द्वारा अपहरण कर लिया गया था. इसलिए, लोग इस दिन शादी करने से बचते हैं ताकि उन्हें भी ऐसे ही संघर्षों का सामना न करना पड़े.

विवाह पंचमी कब है? (Vivaah Panchami 2025 Kab Hai)

वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 24 नवंबर को रात 9 बजकर 22 मिनट पर होगी और 25 नवंबर को रात 10 बजकर 56 मिनट पर इस तिथि का समापन हो जाएगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, 25 नवंबर को विवाह पंचमी मनाई जाएगी.

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विवाह पंचमी के दिन क्यों नहीं होती है शादी?

विवाह पंचमी के दिन, लोग भगवान श्रीराम और माता सीता की पूजा करते हैं, और उनके आदर्श विवाह का स्मरण करते हैं.इस दिन, विवाहित महिलाएं वैवाहिक आनंद प्राप्त करने के लिए पूजा करती हैं, जबकि अविवाहित महिलाएं उपयुक्त जीवन साथी पाने के लिए पूजा करती हैं.

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विवाह पंचमी का महत्व क्या है?

विवाह पंचमी का महत्व यह है कि यह हमें परिवार, धर्म, और आदर्श जीवन का महत्व सिखाता है. भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह एक आदर्श दांपत्य जीवन की प्रेरणा देता है, जिसमें त्याग, प्रेम, और आदर्श का महत्व है.

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

Shivi Bajpai
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