Kamada Ekadashi 2026: एकादशी का व्रत हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है. ये दिन भगवान विष्णु की आराधना, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए समर्पित होता है. प्रत्येक माह में दो बार आने वाली एकादशी श्रद्धालुओं को भक्ति और संयम का अवसर प्रदान करती है. साल 2026 में आने वाली कामदा एकादशी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि इसे मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली एकादशी माना जाता है.
कामदा एकादशी का महत्व
साल भर में आने वाली हर एकादशी का अपना अलग नाम और महत्व होता है. कामदा एकादशी को विशेष रूप से इच्छाओं की पूर्ति से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
कामदा एकादशी 2026: तिथि और शुभ समय
हिन्दू पंचांग के अनुसार कामदा एकादशी की तिथि और पूजा के लिए शुभ समय निम्न प्रकार है:
एकादशी तिथि प्रारंभ: 28 मार्च, सुबह 08:45 बजे
एकादशी तिथि समाप्त: 29 मार्च, सुबह 07:46 बजे
पूजा का शुभ समय: सुबह 07:48 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
कामदा एकादशी की पूजा सामग्री
इस व्रत और पूजा को विधिपूर्वक करने के लिए निम्न सामग्री की जरूरी होती है:
पीले वस्त्र और पीले फूल
भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र
दीपक और धूप
तुलसी के पत्ते
अक्षत (चावल) और चंदन
सुपारी
फल और पंचमेवा
एकादशी व्रत कथा की पुस्तक
कामदा एकादशी पूजा विधि
इस दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ, विशेष रूप से पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए. इसके बाद पूजा स्थान को साफ करके गंगाजल से शुद्ध करना शुभ माना जाता है.
फिर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र को एक साफ आसन पर स्थापित करें और व्रत का संकल्प लें. दीपक और धूप जलाकर भगवान को पीले फूल, चंदन, अक्षत और तुलसी दल अर्पित करें.
ध्यान रखें कि तुलसी के पत्ते एक दिन पहले ही तोड़ लेने चाहिए, क्योंकि एकादशी के दिन तुलसी तोड़ना शुभ नहीं माना जाता.
पूजा के अंत में भगवान को भोग लगाएं, मंत्रों का जाप करें और कामदा एकादशी व्रत कथा का पाठ करें.

