Benefits of Pearls: तेज रफ्तार जिंदगी में छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना और मानसिक तनाव होना आम समस्या बन गई है. कई बार लोग बाद में अपने व्यवहार पर पछताते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मन को शांत और संतुलित रखने के लिए कुछ खास उपाय बताए गए हैं, जिनमें मोती का विशेष महत्व माना जाता है.
चंद्र ग्रह और मन का संबंध
ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन का कारक माना गया है. अगर कुंडली में चंद्रमा मजबूत हो, तो व्यक्ति शांत, स्थिर और सकारात्मक रहता है. वहीं कमजोर चंद्रमा से गुस्सा, तनाव, चिंता और बेचैनी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
मोती पहनने के फायदे
- गुस्सा और तनाव को कम करने में मदद
- मानसिक शांति और धैर्य में वृद्धि
- सकारात्मक सोच को बढ़ावा
- निर्णय लेने की क्षमता बेहतर
- नींद की गुणवत्ता में सुधार
जो लोग जल्दी भावनात्मक हो जाते हैं या छोटी बातों पर परेशान हो जाते हैं, उनके लिए मोती को लाभकारी माना गया है.
कैसे और कब पहनें मोती?
ज्योतिष के अनुसार सोमवार का दिन मोती धारण करने के लिए सबसे शुभ होता है. पहनने से पहले इसकी शुद्धि करना जरूरी माना जाता है. इसके लिए मोती को गंगाजल, दूध और शहद में कुछ समय तक रखा जाता है और फिर पूजा-अर्चना के बाद धारण किया जाता है.
किस धातु और उंगली में पहनें?
मोती को चांदी में जड़वाकर पहनना सबसे शुभ माना गया है. चांदी भी मानसिक शांति को बढ़ाने में सहायक मानी जाती है. इसे कनिष्ठिका यानी छोटी उंगली में पहनना लाभकारी बताया गया है.
किन राशियों के लिए फायदेमंद?
ज्योतिष के अनुसार कर्क, मीन, वृश्चिक और मेष राशि के जातकों के लिए मोती धारण करना विशेष रूप से शुभ माना गया है. हालांकि, किसी भी रत्न को पहनने से पहले कुंडली की जांच कराना जरूरी होता है.
सावधानी भी जरूरी
हर रत्न की अपनी ऊर्जा होती है, इसलिए बिना सलाह के इसे धारण नहीं करना चाहिए. विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही मोती पहनना बेहतर होता है.
डिस्क्लेमर
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