Categories: धर्म

अमरनाथ यात्रा आज से शुरू, तीर्थयात्रियों का पहला जत्था हुआ रवाना, सुरक्षा व्यवस्था देख दंग रह गए लोग

38 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से संचालित की जाएगी। यात्रा अगले महीने 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।

Published by Divyanshi Singh

Amarnath yatra 2025:अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का पहला जत्था बुधवार (3 जून) को कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू से रवाना हुआ। उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा ने भगवती नगर बेस कैंप से जत्थे को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’ और ‘बम बम भोले’ के जयकारे लगाते रहे। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों की करीब 600 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीर्थयात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

एडवाइजरी जारी

पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें लिखा है, ‘अमरनाथ यात्रा 2025 करने वाले सभी तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे भगवती नगर, बटाल और नुनवान बेस कैंप से निकलने वाले निर्धारित काफिले में ही यात्रा करें। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी कहा है कि निर्धारित तिथि से काफी पहले पहुंचने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के दिन से काफी पहले पहुंच जाएं।

38 दिनों तक चलेगी यात्रा

38 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से संचालित की जाएगी। यात्रा अगले महीने 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। इस साल की यात्रा के लिए अब तक 3,31,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। तत्काल पंजीकरण के लिए जम्मू में सरस्वती धाम, वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन सभा में केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर हर दिन 2 हजार श्रद्धालुओं का पंजीकरण हो रहा है।

Related Post

यात्रा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम

पहलगाम में हुए आतंकी हमले को देखते हुए इस बार कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों की करीब 600 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं, जो यात्रा सुरक्षा के लिए अब तक की सबसे बड़ी तैनाती है। यात्रा की तैयारियों के बारे में अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रतिबंधों, भारी सुरक्षा व्यवस्था और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच तीर्थयात्रियों को पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान 2 जुलाई से 9 अगस्त तक विभिन्न मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

हम आतंकवाद से नहीं डरते: अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालु

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम बेस कैंप से रवाना हुए अमरनाथ यात्रियों के पहले जत्थे में शामिल एक श्रद्धालु ने कहा, “हम पहले जत्थे (पहलगाम से) में बाबा अमरनाथ के दर्शन करने जा रहे हैं। हम आतंकवाद से नहीं डरते और हम अमरनाथ यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे। यहां सुविधाएं बेहतरीन हैं। हम अमरनाथ श्राइन बोर्ड के आभारी हैं।”

138 दिनों तक उल्टी होगी शनिदेव की चाल, इन 3 राशियों को मिलेगा साढ़ेसाती से मुक्ति पाने का खास मौका, पलटेगी ऐसी किस्मत की मझदार में खड़ी बाधा भी नहीं पाएगी रोक!

Divyanshi Singh
Published by Divyanshi Singh

Recent Posts

IAS अफसर को कितनी मिलती है सैलरी? जानिए IAS, IPS की सैलरी, पद और सरकारी सुविधाएं

IAS Salary and facilities: युनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा को देश की…

February 5, 2026

WPL 2026 Prize Money: फाइनल जीतते ही टीम का हर खिलाड़ी बन जाएगा करोड़पति, जानें इनामी राशि

WPL 2026 Prize Money: WPL 2026 का फाइनल दिल्ली कैपिटल्स और RCB के बीच वडोदरा…

February 5, 2026

क्या वाकई फैट बर्नर है कॉफ़ी? लोगों की कन्फ्यूजन पर एक्सपर्ट्स ने दी साफ राय

Benefits Of Coffee: सोशल मीडिया पर आजकल 7 सेकंड कॉफी ट्रिक और इस दावे की…

February 5, 2026

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में Dr. Cancer पहल का लोगो लॉन्च किया

लखनऊ (उत्तर प्रदेश), फरवरी 05: उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में ‘Dr. Cancer’पहल के आधिकारिक लोगो का लोकार्पण किया।इस अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, सामाजिक प्रतिनिधि और आयोजन से संबंधित टीम मौजूद रही। लोगो लॉन्च के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कैंसर की समय पर पहचान (Early Detection), जन–जागरूकता और मरीजों को सहयोग स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं।उन्होंने पहल से जुड़ी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से समुदाय स्तर पर जागरूकता और सपोर्ट सिस्टम मजबूत होता है। इस पहल के संबंध में‘Dr. Cancer’ और संवेदना होम्योपैथिक क्लिनिक के निदेशक डॉ. गौरीशंकर ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य कैंसर जागरूकता, स्क्रीनिंग/रिफरल मार्गदर्शन, तथा मरीजों की गुणवत्ता–जीवन (Quality of Life) बेहतर करने के लिए सपोर्टिव केयर से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज के लिए उपचार निर्णय योग्य चिकित्सकों की सलाह और स्थापित मेडिकल प्रोटोकॉल केअनुसार ही होने चाहिए।…

February 5, 2026