Black white raisins: किशमिश सूखे अंगूर से बनती है और इसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. बाजार में मुख्य रूप से दो तरह की किशमिश मिलती हैं-काली और सफेद (सुनहरी). अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि आखिर इनमें से कौन-सी ज्यादा पौष्टिक है और किसे अपनी डाइट में शामिल करना बेहतर रहेगा. आइए जानते हैं दोनों के पोषक तत्व और फायदे.
काली किशमिश में क्या होता है खास?
- काली किशमिश गहरे रंग के अंगूरों से तैयार की जाती है. इसमें आयरन, फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.
- आयरन: खून की कमी (एनीमिया) से बचाव में मददगार.
- एंटीऑक्सिडेंट्स: शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे इम्यूनिटी मजबूत होती है.
- फाइबर: पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में सहायक.
- पोटैशियम: ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है.
डाक्टर्स के अनुसार काली किशमिश में एंटीऑक्सिडेंट की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा होती है, जो दिल और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद मानी जाती है.
सफेद किशमिश के पोषक तत्व
सफेद किशमिश हल्के रंग के अंगूरों से बनती है और इसका स्वाद थोड़ा मीठा होता है. इसमें भी कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं.
- कार्बोहाइड्रेट और प्राकृतिक शुगर: तुरंत ऊर्जा देने में सहायक.
- कैल्शियम: हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी.
- फाइबर: पाचन में मददगार.
- विटामिन्स और मिनरल्स: शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक.
सफेद किशमिश खासतौर पर कमजोरी या थकान महसूस होने पर तुरंत ऊर्जा देने के लिए जानी जाती है.
पोषण के लिहाज से कौन बेहतर?
दोनों तरह की किशमिश पोषक तत्वों से भरपूर हैं. हालांकि, अगर एंटीऑक्सिडेंट और आयरन की बात करें तो काली किशमिश थोड़ा आगे मानी जाती है. वहीं, स्वाद और तुरंत ऊर्जा के लिए सफेद किशमिश भी अच्छी मानी जाती है. यह कहना पूरी तरह सही नहीं होगा कि एक पूरी तरह बेहतर है और दूसरी कम फायदेमंद. असल में यह आपकी सेहत की जरूरत पर निर्भर करता है.
- एनीमिया या आयरन की कमी: काली किशमिश फायदेमंद हो सकती है.
- तुरंत ऊर्जा की जरूरत: सफेद किशमिश बेहतर विकल्प हो सकती है.
सेवन का सही तरीका
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किशमिश को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाना ज्यादा फायदेमंद होता है. इससे पाचन बेहतर होता है और पोषक तत्व शरीर में अच्छी तरह अवशोषित होते हैं.

