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लालटेन में पढ़े! अब रौशन कर रहे दूसरों की जिंदगी, रांची के ‘खान सर’ के 140 स्टूडेंट बने अफसर

DSP Ki Pathshala: डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव अपनी पहल डीएसपी की पाठशाला के तहत छात्रों को JPSC परीक्षी की फ्री में तैयारी करने में मदद करते है. वह काम के बाद रात में ऑनलाइन क्लास करवाते है. जानिये क्या है पूरी कहानी?

Published by Mohammad Nematullah

DSP Ki Pathshala: डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव अपनी पहल डीएसपी की पाठशाला के तहत छात्रों को JPSC परीक्षी की फ्री में तैयारी करने में मदद करते है. वह काम के बाद रात में ऑनलाइन क्लास करवाते है. खासकर उन गरीब छात्रों की मदद करते है, जो कोचिंग के लिए शहर नही जा सकते है. 

डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने बताया है कि उनहोंने जेपीएससी परीक्षा बड़ी मुश्किल से पास की और गरीब, पैसे न होने के कारण उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा है. उन्होंने बताया कि उनका पूरा बचपन लालटेन की रोशनी में बीता है. जिससे उन्हें मार्गदर्शन मिलना मुश्किल हो गया है क्योंकि उस समय सोशल मीडिया उपलब्ध नही था.

डीएसपी ने क्या कहा

डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने आगे कहा कि “लेकिन आज सोशल मीडिया का जमाना है. हम आसानी से लोगों से जुड़ सकते है. इसलिए मैंने सोचा क्यों न दूसरे गरीब बच्चों को भी वही अनुभव करने दिया जाए जिससे मैं गुजरा हूं? क्योंकि किसी भी बड़ी परीक्षा के लिए सही मार्गदर्शन बहुत जरूरी है. सही मार्गदर्शन के बिना आप भटक सकते है.”

डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि “इसलिए मैंने गरीब बच्चों की मदद करने का फैसला किया है. इसलिए मैंने सोशल मीडिया को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया और मुफ़्त कक्षा शुरू की है. मैं दिन में काम करता हूं और शाम 7:00 बजे से रात 11:00 बजे तक अपने चैनल पर कक्षा संचालित करता हूं.”

डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने गर्व से बताया कि इस साल 140 से ज़्यादा छात्रों ने जेपीएससी परीक्षा पास की और ये सभी उनकी कक्षा में शामिल हुए है. जो उनके लिए बहुत गर्व की बात है. अपने संघर्षों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि “कई बार लालटेन का तेल खत्म हो जाता था और हमें जहां भी रोशनी होती थी, वहीं पढ़ने जाना पड़ता था.”

ये भी जानें

डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि “ये छोटे-छोटे संघर्ष सफलता की राह को और भी मुश्किल बना देते है. कई बार तो मैं रात को भूखा भी सो जाता था, लेकिन मैंने कभी शिकायत नहीं की. ऐसे में मैं छात्रों से भी कहता हूं कि शिकायत मत करो. जो कुछ भी तुम्हारे पास है, उसे हथियार की तरह इस्तेमाल करो.”

डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने कहा “मैं अपनी नौकरी के साथ-साथ पढ़ाता हूं क्योंकि मुझे पढ़ाने का बहुत शौक है. मेरा मानना ​​है कि आपने समाज से जो कुछ भी लिया है, उसे वापस देना ही होगा, और शिक्षण एक ऐसा पेशा है जो भविष्य तैयार करता है.”

Mohammad Nematullah

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