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भक्ति के नाम पर बड़ा खेल! तिरुपति लड्डू केस की जांच ने खोले कई राज़, हवाला कनेक्शन भी आया सामने

Tirupati Temple Case: जांच में पाया गया कि लड्डुओं के लिए घी सप्लाई में चार कंपनियां शामिल थीं, जिन्होंने दस्तावेजों और टेंडर में हेराफेरी की.

Published by Shubahm Srivastava

Tirupati Laddus Controversy: बीते साल देश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल तिरुपति मंदिर में श्रद्धालुओं को मिलने वाले प्रसाद ‘तिरुपति लड्डू’ को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इन लड्डुओं की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इनमें जानवरों की चर्बी से बना घी इस्तेमाल किया गया था. 

इस खुलासे ने देशभर में विवाद खड़ा कर दिया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. कोर्ट ने सीबीआई, राज्य पुलिस और फूड सेफ्टी अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर जांच के आदेश दिए.

जांच में अवैध लेनदेन का मामला आया सामने

जांच रिपोर्ट में 50 लाख रुपये के अवैध लेनदेन का मामला सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को घी सप्लाई करने में गड़बड़ी हुई. यह राशि TTD के पूर्व चेयरमैन और वर्तमान राज्यसभा सांसद वाई.वी. सुब्बा रेड्डी के निजी सहायक के. चिन्नाप्पन्ना को दी गई थी.

यह रकम हवाला एजेंट्स के जरिए यूपी स्थित “एग्री फूड्स प्राइवेट लिमिटेड” कंपनी से आई थी. दिल्ली में एजेंट अमन गुप्ता ने 20 लाख रुपये और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी विजय गुप्ता ने 30 लाख रुपये चिन्नाप्पन्ना को पटेल नगर मेट्रो स्टेशन के पास नकद में दिए थे.

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दस्तावेजों और टेंडर में भी हेराफेरी

जांच में पाया गया कि लड्डुओं के लिए घी सप्लाई में चार कंपनियां शामिल थीं, जिन्होंने दस्तावेजों और टेंडर में हेराफेरी की. 60.37 लाख किलो घी कुल 240.8 करोड़ रुपये में बेचा गया. ‘भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी ने यह घी रुड़की स्थित प्लांट में तैयार किया था, जिसमें पाम ऑयल और केमिकल्स मिलाए गए थे. यह घी आगे श्री वैष्णवी डेयरी, मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स और एआर डेयरी फूड्स जैसी कंपनियों को ऊंची कीमतों पर सप्लाई किया गया.

पहले हुई थी घी में मिलावट की पुष्टि, फिर भी रही जारी

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि मैसुरु स्थित सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट ने घी में मिलावट की पुष्टि की थी, इसके बावजूद 2024 तक सप्लाई जारी रही. इस लापरवाही और भ्रष्टाचार ने तिरुपति मंदिर की प्रतिष्ठा पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है, जहां प्रसाद की पवित्रता को लाभ के लिए दांव पर लगाया गया.

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Shubahm Srivastava

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