DMK Manifesto 2026: एम. के. स्टालिन ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का चुनावी घोषणापत्र चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय में जारी किया. उन्होंने ‘कल्याण और विकास’ के समावेशी मॉडल को सामने रखते हुए दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले चुनावी वादों को न केवल पूरा किया, बल्कि अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है. स्टालिन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की जनता स्थिर शासन और तेज विकास चाहती है, जिसे DMK ही सुनिश्चित कर सकती है.
आर्थिक रोडमैप और निवेश का लक्ष्य
घोषणापत्र में तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का विस्तृत रोडमैप पेश किया गया है. सरकार ने राज्य की इकोनॉमी को 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए 18 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने की योजना है. साथ ही, आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ‘नियो टाइडल पार्क्स’ स्थापित किए जाएंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. इस विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करने में कनिमोझी करुणानिधि की अध्यक्षता वाली समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
महिलाओं और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस
DMK ने महिलाओं और सामाजिक सुरक्षा को घोषणापत्र का प्रमुख हिस्सा बनाया है. महिला मुखियाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाएगा. ‘इलाथारासु’ योजना के तहत महिलाओं को 8,000 रुपये का कूपन मिलेगा, जिससे वे घरेलू उपकरण खरीद सकेंगी. बुजुर्गों की पेंशन भी बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का वादा किया गया है. इसके अलावा, कामकाजी महिलाओं के लिए राज्य भर में 1,000 क्रेच बनाए जाएंगे और समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा.
शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़े वादे
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई अहम घोषणाएं की गई हैं. कक्षा 1 से 5 तक मिलने वाली नाश्ता योजना को अब 8वीं कक्षा तक बढ़ाया जाएगा. उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 35 लाख छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का वादा किया गया है. स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री बीमा योजना की राशि 10 लाख रुपये तक बढ़ाई जाएगी और सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस मशीनों की संख्या दोगुनी की जाएगी. साथ ही पत्रकारों के बच्चों की शिक्षा सहायता भी दोगुनी करने की घोषणा की गई है.
बुनियादी ढांचा, आस्था और आवास योजनाएं
घोषणापत्र में बुनियादी ढांचे और धार्मिक आस्था से जुड़े कई वादे शामिल हैं. राज्य के 5,000 मंदिरों में ‘कूडामुझक्कू’ पूजा आयोजित कराई जाएगी. त्रिची, मदुरै, कोयंबटूर और सलेम के पास नए शहर विकसित किए जाएंगे, जबकि सड़कों की मरम्मत के लिए 10,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसके अलावा, गरीब परिवारों को पहचान कर उन्हें आवास और आसान लोन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके.

