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PM Modi New Office: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया ऑफिस बनकर तैयार हो चुका है. अब इसे अंतिम रुप देने की तैयारी हो रही है. जानकारी के मुताबिक, इसी महीने पीएम मोदी नए ऑफिस में शिफ्ट हो सकते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय तीनों को एक साथ नए सेवा तीर्थ परिसर में जगह दी जाएगी. सेवा तीर्थ परिसर विजय चौक के नजदीक रायसीना हिल के नीचे बनाकर तैयार किया गया है. इसमें तीन हाई टेक इमारत बनकर तैयार हुई हैं. जिसे सेवा तीर्थ 1, सेवा तीर्थ 2 और सेवा तीर्थ 3 का नाम दिया गया है.
तीन नए ऑफिस
- प्रधानमंत्री कार्यलय – सेवा तीर्थ 1 (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी)
- कैबिनेट सचिवालय – सेवा तीर्थ 2 ( कैबिनेट सचिवालय)
- राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय – सेवा तीर्थ 3 ( राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल )
सेंट्रल विस्टा परियोजना
बता दें कि, यह तीनों ऑफिस सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत तैयार किए गए हैं. इसके तहत नया संसद भवन और उपराष्ट्रपति एनक्लेव पहले से ही बनकर तैयार हो चुका है. जबकि, मंत्रालयों के लिए आठ नए कर्तव्य भवन बनने हैं. जिनमें से तीन तैयार हो चुके हैं. कई मंत्रालय पहले ही शिफ्ट किए जा चुके हैं.
सेवा तीर्थ परिसर का नाम
बता दें कि, नए पीएमओ को पहले एक्जीक्यूटिव एनक्लेव के नाम से जाना जाता है. लेकिन, दिसंबर में जानकारी दी गई कि इसका नाम सेवा तीर्थ परिसर रखा जा रहा है. उसी समय देश के देशभर के राजभवनों का नाम बदल दिया गया था और लोक भवन करने का फैसला किया गया था. सेवा तीर्थ के बगल में ही प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी किया जा रहा है. प्रधानमंत्री निवास सात लोक कल्याण मार्ग से जल्द शिफ्ट कर दिया जाएगा.
भारतीय संस्कृति की झलक
सेवा तीर्थ में गणमान्य अतिथियों से मुलाकात के लिए नए और आधुनिक कक्ष बनाए गए हैं. जिनमें भारतीय संस्कृति और विरासत की भी झलक नजर आती है. कैबिनेट की बैठक के लिए भी एक अलग और विशेष तैयार गया है. नए प्रधानमंत्री कार्यालय में भी अधिकारियों के बैठने के लिए ओपन फ्लोर तैयार किया जा रहा है.
साउथ ब्लॉक में रह रहे प्रधानमंत्री
स्वतंत्रता के बाद से ही प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में रह रहा है. इसी ब्लॉक में विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय भी काम कर रहा है. जबकि नॉर्थ ब्लॉक में गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय काम करते थे. जिसे अब कर्तव्य भवन में शिफ्ट कर दिया गया है. अंग्रेजों के बनाए गए नॉर्थ और साउथ ब्लॉग में युगीन भारत संग्रहालय बनाए जाने की तैयारी है. वहीं इस संग्रहालय का काम भी शुरु कर दिया गया है. यह एक विशाल और विश्व का सबसे बड़ा संग्रहालय है, जो भारत की 5 हजार साल की सभ्यता को प्रदर्शित करेगा. इसमें करीब 950 कमरे होने हैं. जिसमें 8 खंडो में प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर भारत का आधुनिक इतिहास दिखाया गया है. इसका पहला भाग 2027 तक खुलने की उम्मीद है. इसके लिए भारत और फ्रांस मिलकर काम कर रहे हैं.