Narendra Modi: भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने एक नया इतिहास रचा है. उन्होंने रविवार, 22 मार्च 2026 को अपने पद पर 8,931 दिन पूरे किए, जिससे वो भारत में किसी निर्वाचित सरकार के हेड (Head of Government) के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले नेता बन गए. इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. ये आंकड़ा उनके गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में संयुक्त कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए दर्ज किया गया है.
प्रधानमंत्री मोदी अब अपने राजनीतिक जीवन के 25वें साल में प्रवेश कर चुके हैं. ये उपलब्धि दशकों की लगातार सार्वजनिक सेवा और राजनीतिक स्थिरता का प्रमाण है. उनके नेतृत्व में गुजरात से लेकर राष्ट्रीय लेवल तक कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. मोदी ने न केवल राज्य नेतृत्व में बल्कि देश के सर्वोच्च पद पर भी अपने एक्सपीरिएंस और दूरदर्शिता का प्रदर्शन किया है.
चुनावी जीत और राजनीतिक सफर
नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत में जन्मे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनाव (2014, 2019 और 2024) जीतकर अपनी लोकप्रियता को साबित किया. उनके राजनीतिक सफर की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:
7 अक्टूबर 2001: पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.
2001-2014: 13 वर्षों तक गुजरात का नेतृत्व किया.
26 मई 2014 को भारत के 14वें प्रधानमंत्री बने.
रिकॉर्ड: लगातार तीन कार्यकालों के साथ पूर्ण बहुमत से सत्ता में लौटने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री.
डिजिटल दुनिया में भी अग्रणी
प्रधानमंत्री मोदी केवल सत्ता के गलियारों में ही नहीं बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी सबसे आगे हैं. उनके यूट्यूब (YouTube) चैनल ने 3 करोड़ (30 मिलियन) सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार किया है और इंस्टाग्राम पर 10.1 करोड़ फॉलोअर्स के साथ वो दुनिया के सबसे फॉलो किए जाने वाले सक्रिय नेताओं में शामिल हैं. माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर उनके 10.64 करोड़ फॉलोअर्स हैं, जो उनके ग्लोबल प्रभाव और युवाओं के बीच लोकप्रियता का परिचायक है.
8,931 दिनों का ये कार्यकाल केवल एक संख्या नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और लोकतंत्र में स्थिरता की कहानी है. पवन कुमार चामलिंग के रिकॉर्ड को पार करना ये दिखाता है कि पीएम मोदी ने क्षेत्रीय राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति में अपनी छवि मजबूत की.

