Karnataka officer Obscene Videos Controversy: सोशल मीडिया पर पिछले कुछ महीनों से लगातार अश्लील और आपत्तिजनक वीडियोज वायरल हो रहे हैं. पिछले 2 महीनों के दौरान की बात करें तो सोशल मीडिया पर 19 मिनट, 7 मिनट और 9 मिनट के वीडियोज और MMS ट्रेंड हो रहे हैं. इस बीच कर्नाटक पुलिस के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) का एक अश्लील वीडियो भी वायरल हो रहा है. तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में DGP के. रामचंद्र राव कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में नजर आ रहे हैं. एक महिला तो कथित तौर पर करीब आने का विरोध भी कर रही है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह वह एक महिला के साथ अपने ही केबिननुमा जगह पर अश्लील हरकत करते हुए नजर आ रहे हैं. वहीं, वीडियो सामने आने के बाद CM सिद्धरमैया ने कहा था कि अगर अधिकारी दोषी पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी. अब इस पर एक्शन लेते हुए राज्य सरकार ने कर्नाटक पुलिस के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) को सस्पेंड कर दिया गया है. inkhabar वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.
वायरल वीडियो में होने से अफसर का इन्कार
यहां पर बता दें कि कर्नाटक पुलिस के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) सोमवार (19 जनवरी, 2026) को के. रामचंद्र राव का एक अश्लील वीडियो सामने आया था, जिसके बाद सरकार ने अब उनके खिलाफ कार्रवाई की है. वीडियो वायरल होने के बाद राज्य के साथ-साथ देशभर में हड़कंप मच गया. ऐसे में हालात के मद्देनजर आरोपों के घेरे में आए DGP गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी. इसके बाद यानी गृहमंत्री के घर से निकलने के बाद DGP ने पत्रकारों के सामने दावा किया था कि यह अश्लील वीडियो झूठा और मॉर्फ्ड है. उन्होंने यह भी कहा था कि आगे के एक्शन के बारे में वकील से बात करेंगे.
सरकार ने बताया, क्यों किए गए सस्पेंड?
विभागीय पत्र में साफतौर पर कहा गया है कि DGP का व्यवहार नियमों का उल्लंघन है. के. राव ने अश्लील तरीके से काम किया है. यह वीडियो सरकार के लिए शर्मिंदगी का कारण भी है, क्योंकि अधिकारी बड़े ओहदे पर थे. राज्य सरकार के मुताबिक, DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) डॉ. के. रामचंद्र राव को तुरंत प्रभाव से जांच पेंडिंग रहने तक सस्पेंड कर दिया है. वहीं, सस्पेंशन के दौरान राव राज्य सरकार की लिखित इजाजत के बिना किसी भी हालत में हेडक्वार्टर नहीं छोड़ सकते. इसका भी जिक्र पत्र में किया गया है.

