Lockdown In India Fact Check: भारत में इन दिनों डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ‘लॉकडाउन’ अचानक चर्चा का केंद्र बन गया है. सर्च इंजन से लेकर सोशल मीडिया तक इस विषय ने तेजी से लोगों का ध्यान खींचा. दरअसल, 2020 में इसी समय देशभर में लागू हुए राष्ट्रीय लॉकडाउन की यादें फिर ताजा हो गई हैं, क्योंकि उसकी छठी बरसी थी. इसी बीच प्रधानमंत्री के एक हालिया बयान ने भी इस विषय को और हवा दे दी, जिससे लोगों के बीच जिज्ञासा और कुछ हद तक भ्रम की स्थिति पैदा हो गई.
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में 2020 के कोविड लॉकडाउन का जिक्र किया. उन्होंने इसे वर्तमान पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के संदर्भ में उदाहरण के रूप में पेश किया. उनका उद्देश्य लोगों को ये याद दिलाना था कि कठिन परिस्थितियों में किस तरह धैर्य और एकजुटता जरूरी होती है. उन्होंने किसी नए प्रतिबंध या लॉकडाउन की घोषणा नहीं की, लेकिन कोविड का संदर्भ आते ही लोगों के मन में आशंका पैदा हो गई.
सरकार ने अफवाहों को किया खारिज
लॉकडाउन से जुड़ी खबरों के तेजी से फैलने के बाद केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की। विदेश मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ईंधन की कीमतों को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन देश के भीतर किसी तरह के प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुई भ्रामक जानकारी
मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे एक्स, फेसबुक और व्हाट्सएप पर कई ऐसे वीडियो और पोस्ट वायरल हुए, जिनमें कथित तौर पर लॉकडाउन की घोषणा की बात कही जा रही थी. इन भ्रामक सूचनाओं ने लोगों के बीच भ्रम और चिंता बढ़ा दी. साथ ही, तेल की कीमतों को लेकर चल रही खबरों ने भी इस ट्रेंड को और बढ़ावा दिया.

