Padma Shri 2026: 88 साल के इंदरजीत सिंह सिद्धू को केंद्र सरकार ने पद्म श्री अवॉर्ड के लिए चुना है. वह एक रिटायर्ड IPS ऑफिसर है. इस उम्र में भी DIG के पद से रिटायर होने के बाद भी वह काफी एक्टिव रहते हैं और अपना ज़्यादातर समय अपनी सोसाइटी और आस-पास के इलाकों की सफाई में बिताते है. वह एक दशक से ज़्यादा समय से चंडीगढ़ में अपने पड़ोस की सड़कों की सफाई कर रहे है. पिछले साल चंडीगढ़ के सेक्टर 49 में उनके घर के पास सड़कों और पब्लिक जगहों से कचरा उठाते हुए उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब सराहा गया, जिसके बाद उन्हें ऑफिशियल पहचान मिली है.
ज़्यादातर समय सफाई में बिताते
सिद्धू सेक्टर 49 में एक IAS/IPS सोसाइटी में रहते है और अपना ज़्यादातर समय अपनी सोसाइटी और आस-पास के इलाकों की सफाई में बिताते है. वह पंजाब के संगरूर जिले के धूरी के बुगरा गांव के रहने वाले है. लोगों के वीडियो बनाने के बावजूद सिद्धू बिना रुके अपना काम करते रहे है. वह कहते हैं कि वह बस अपने आस-पास को साफ और हरा-भरा रखना चाहते है. पिछले साल उनके प्रयासों को तब पहचान मिली जब गवर्नर ने 15 अगस्त को उनके लिए एक अवॉर्ड की घोषणा की. हालांकि सिद्धू सोशल मीडिया पर अचानक मिली अटेंशन से हैरान थे और उन्होंने उस इवेंट में हिस्सा नहीं लिया है.
1963 में पंजाब पुलिस में शामिल हुए
सिद्धू 1963 में पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन के जरिए इंस्पेक्टर के तौर पर पुलिस में शामिल हुए है. उन्हें 1981 में IPS में प्रमोट किया गया है. पंजाब में आतंकवाद के चरम पर होने के दौरान उन्होंने 1986 में अमृतसर में सिटी SP के तौर पर काम किया है. बाद में उन्होंने चंडीगढ़ में DIG, CID के तौर पर काम किया और 31 दिसंबर 1996 को रिटायर हो गए. उनकी पत्नी दविंदर पाल कौर का 2023 में निधन हो गया था. उनका बेटा अपने परिवार के साथ अमेरिका में रहता है, जबकि उनकी बेटी मोहाली में रहती है.
मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से दूर
इंदरजीत सिंह सिद्धू के पास मोबाइल फोन नहीं है और वह मीडिया से दूर रहते है. जब उनका वीडियो वायरल हुआ, तो वह अपनी बेटी के साथ रहने के लिए चंडीगढ़ छोड़कर चले गए. सिद्धू कहते हैं कि सफाई अभियान की प्रेरणा उन्हें पब्लिक सर्विस में बिताए सालों और अमेरिका में अपने बेटे से मिलने जाने से मिली है.

