Budget 2026 defence allocation: आज 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Niramala Sitharaman) ने संसद में नया बजट पेश किया है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे. इस साल बजट में रक्षा मंत्रालय को ₹7.8 लाख करोड़ का बजट (Budget 2026) आवंटित किया गया है. यह पिछले साल वित्त वर्ष की तुलना में 14.5% अधिक है. इस बार बजट में देश की तीनों सेनाओं को दुनिया के सबसे आधुनिक और मेड इन इंडिया हथियारों से लैस हो सकें.
रक्षा बजट में क्या है खास?
इस साल के बजट में सेना के आधुनिकीकरण पर खास ध्यान दिया गया है. आधुनिकीकरण के लिए ₹2.19 लाख करोड़ अलग किए गए हैं. यह पैसा मिसाइलों, लड़ाकू विमानों, पनडुब्बियों और ड्रोन्स की खरीद पर खर्च किया जाएगा. पिछले साल भारत ने लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर राफेल-एम और तेजस एमके1ए जैसी कई बड़ी डील की थीं. लेकिन इस बार सभी की नजरें डिफेंस सेक्टर में और भी बड़ी डील्स पर है. बजट से 114 राफेल लड़ाकू विमानों के बड़े सौदे और पांचवीं पीढ़ी के Su-57 स्टेल्थ फाइटर से भारतीय सेना को नई रफ्तार मिलेगी. सरकार की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि सैन्य ताकत को बरकरार रखने के लिए किसी तरह की कोई कमी नहीं छोड़ी गई है. बजट का एक बड़ा हिस्सा भारतीय कंपनियों के लिए सुरक्षित रखा गया है. ताकी हथियारों का निर्माण भारत में ही हो सकें.
स्वदेशी हथियारों पर फोकस
इस बार बजट में स्वदेशी हथियारों पर अधिक फोकस किया गया है. सेना को अब स्वदेशी ड्रोन्स (UAVs), अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स और आधुनिक टैंकों से लैस किया जाएगा. ताकी सेना आत्मनिर्भर हो सकें. HAL और DRDO जैसे संस्थानों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की डिफेंस कंपनियों को बजट का सहारा मिलेगा.
बड़ी डील्स पर नजर
रक्षा मंत्रालय के पास कई डील्स पाइपलाइन में है. जिसके लिए इस बजट में फंड जारी कर दिया गया है. 114 मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों (MRFA) का टेंडर इस बजट से पास कर दिया जाएगा. राफेल लड़ाकू विमान का नाम सबसे आगे हैं. भारत अपनी वायुसेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं सबसे आगे खड़ा देखना चाहता है. जिसके लिए इस बजट में फंड दिया गया है. साथ ही समंदर में चीन की चुनौती देने के लिए भी भारत ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है.
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