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गोवा के क्लब में कैसे लगी आग, क्या सेफ्टी प्रोटोकॉल को किया गया नजरअंदाज, धुआं भी ले सकता है जान? जानें- हर सवाल का जवाब

Goa Nightclub Fire Tragedy: गोवा के अर्पोरा स्थित एक नाइटक्लब में भीषण आग से 25 लोगों की मौत और लगभग 50 घायल हुए. अधिकतर मौतें धुएं से घुटने के कारण हुईं. सुरक्षा नियम और आग का कारण जांच के दायरे में हैं.

Published by sanskritij jaipuria

Goa Nightclub Fire Tragedy: गोवा के अर्पोरा क्षेत्र में स्थित लोकप्रिय नाइटक्लब Birch by Romeo Lane में देर रात लगी आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया. इस दर्दनाक घटना में 25 लोगों की जान चली गई, जबकि करीब 50 लोग घायल हैं और उनका इलाज गोवा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.

आग रात लगभग 1 बजे लगी. शुरुआती अंदेशा था कि रसोई के पास सिलेंडर फटने से आग लगी होगी, लेकिन जांच में सिलेंडर सही हालत में मिले. अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट जैसी आवाज इतनी तेज थी कि आग कुछ ही सेकंड में पूरे भवन में फैल गई और अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का समय ही नहीं मिला.

पीड़ितों की पहचान जारी

अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में 4 पर्यटक और 14 कर्मचारी शामिल हैं. बाकी 7 लोगों की पहचान की जा रही है कि वे कर्मचारी थे या पर्यटक. अधिकतर मौतें धुएं से दम घुटने के कारण हुईं.

राहत और बचाव कार्य

फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और लगभग दो घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया. घटनास्थल को सील कर दिया गया है और क्लब के मालिक तथा प्रबंधन से पूछताछ जारी है. शुरुआती जानकारी यह भी बताती है कि क्लब में आग से सुरक्षा से जुड़े नियमों का सही तरह पालन नहीं किया गया था.

लोग बाहर क्यों नहीं निकल पाए?

नाइटक्लब अरपोरा नदी के पास स्थित है और वहां जाने और निकलने का रास्ता बहुत पतला है. गलियां तंग होने की वजह से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां क्लब तक नहीं पहुंच पाईं, इसलिए उनके टैंकरों को जगह से करीब 400 मीटर दूर रोकना पड़ा.

प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार आग बहुत तेजी से फैल गई, अंदर धुआं भरने से कुछ ही सेकंड में सांस लेना मुश्किल हो गया, अंधेरा और घबराहट की वजह से लोग रास्ता नहीं ढूंढ पाए, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) पर्याप्त नहीं था या ठीक से काम नहीं कर रहा था. ये सभी कारण मिलकर कई लोगों की जान बचाने में बाधा बने.

धुएं से मौत कैसे होती है?

जलते ढांचे से निकलने वाला धुआं कई जहरीले गैसों से भरा होता है. शरीर में ऑक्सीजन तेजी से कम होने लगती है, व्यक्ति बेहोश हो सकता है. कुछ ही मिनटों में दम घुटने से मौत हो सकती है. इस हादसे में भी अधिकतर पीड़ित इसी कारण मारे गए.

क्या क्लब सुरक्षा नियमों का पालन कर रहा था?

यह सवाल घटना के बाद सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है. पुलिस और प्रशासन ने साफ कहा है कि जांच का मेन हिस्सा होगा. शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि क्लब ने सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया था. इसी वजह से क्लब को फिलहाल सील कर दिया गया है और मालिकों व प्रबंधन से पूछताछ जारी है.

राहत और बचाव कार्य

आग लगने के तुरंत बाद कई फायर टेंडर घटनास्थल पर पहुंचे और करीब दो घंटे की कोशिश के बाद आग पर काबू पाया गया. रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चला. मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं और घायलों की स्थिति की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.

sanskritij jaipuria

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