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Ayushman Bharat Hospitals: कौन से हॉस्पिटल में चलेगा आयुष्मान कार्ड, ऐसे करें पता…!

Ayushman Bharat Hospitals Check: अक्सर लोगों को ये नहीं पता होता है कि आयुष्मान भारत योजना के द्वारा जो मदद की जा रही है. उसमें कौन-कौन से अस्पताल जुड़े हुए है. आइए बताते हैं कि इसका पता कैसे लगाएं-

Published by sanskritij jaipuria

Ayushman Bharat Hospitals Check: आयुष्मान भारत योजना गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के लिए बहुत मददगार साबित हो रही है. इसके तहत पात्र व्यक्तियों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है. लेकिन अक्सर लोगों को ये नहीं पता होता कि कौन-से अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं. गलत अस्पताल जाने पर उन्हें खुद से पैसा खर्च करना पड़ सकता है. इसलिए इलाज से पहले ये जान लेना बहुत जरूरी है कि आपका नजदीकी अस्पताल आयुष्मान योजना में शामिल है या नहीं.

आयुष्मान पैनल हॉस्पिटल क्या होते हैं?

सरकार ने इस योजना में सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पताल शामिल किए हैं. इन अस्पतालों को एम्पैनल्ड हॉस्पिटल कहा जाता है. इन अस्पतालों में आपका आयुष्मान कार्ड दिखाने पर कैशलेस इलाज मिलता है. इसमें सर्जरी, एडमिशन, दवाइयां और मेडिकल टेस्ट सभी शामिल हैं. हर राज्य और जिले में अलग-अलग पैनल अस्पताल की सूची होती है, जो समय-समय पर अपडेट होती रहती है. बड़े मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल से लेकर छोटे अस्पताल तक इस लिस्ट में शामिल हो सकते हैं.

आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पताल कैसे पता करें?

ऑफिशियल वेबसाइट की मदद से

1. [hospitals.pmjay.gov.in](https://hospitals.pmjay.gov.in) वेबसाइट खोलें.
2. अपना राज्य, जिला और अस्पताल का प्रकार चुनें.
3. आपके सामने उस इलाके के सभी पैनल अस्पतालों की लिस्ट आ जाएगी.

मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन

आयुष्मान भारत का मोबाइल ऐप डाउनलोड करके भी अस्पताल खोजा जा सकता है.
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या हेल्थ वेलनेस सेंटर पर जाकर भी जानकारी ली जा सकती है.

अस्पताल पहुंचकर वेरिफिकेशन

 अस्पताल में आयुष्मान डेस्क पर अपना कार्ड दिखाएं.
 पैकेज और कैशलेस सुविधा की पुष्टि कर लें.
 ये कदम जरूरी है ताकि इलाज के बाद किसी बिल या पैसे की परेशानी न हो.

अस्पताल का पता करना क्यों जरूरी है?

अगर आप पहले से यह नहीं जांचेंगे कि अस्पताल एम्पैनल्ड है, तो:

 कैशलेस इलाज नहीं मिलेगा.
 खुद से पैसा खर्च करना पड़ सकता है.
 इलाज में देरी या परेशानी हो सकती है.

इसलिए अस्पताल जाने से पहले इसकी पुष्टि करना आपके समय और पैसे दोनों की बचत करता है और इलाज सरल बनाता है.
 

sanskritij jaipuria

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