Assam Chunav 2026: भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission Of India) ने 5 राज्यों में चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है. असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा. जबकि काउंटिंग की तारीख 4 मई रखी गई है. वर्तमान में असम में हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) के नेतृत्व में सरकार चल रही है. वे Bharatiya Janata Party (BJP) से हैं और उन्होंने मई 2021 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उनकी सरकार 2021 असम विधानसभा चुनाव के बाद बनी थी.
असम विधानसभा पर एक नजर
असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 64 सीटों की जरूरत होती है. 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 60 सीटें जीती थीं. हालांकि भाजपा अकेले बहुमत से थोड़ा पीछे रह गई थी, लेकिन उसके सहयोगी दलों ने मिलकर गठबंधन को स्पष्ट बहुमत दिला दिया.
भाजपा को इन दलों से सहयोग
भाजपा के सहयोगी दलों में Asom Gana Parishad (AGP) और United People’s Party Liberal (UPPL) शामिल थे. AGP ने 9 सीटें और UPPL ने 6 सीटें जीती थीं. इस तरह NDA गठबंधन की कुल सीटें 75 तक पहुंच गईं, जिससे सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया.
चुनाव के बाद भाजपा विधायक दल ने हिमंत बिस्वा सरमा को अपना नेता चुना और उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला. तब से वे राज्य में विकास, बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर काम कर रहे हैं.
असम विधानसभा के इतिहास पर एक नजर
असम में विधानसभा चुनाव का इतिहास स्वतंत्रता के बाद से काफी महत्वपूर्ण रहा है. राज्य में पहला विधानसभा चुनाव 1952 में हुआ था. शुरुआती कई दशकों तक Indian National Congress का राजनीतिक दबदबा बना रहा और पार्टी ने लंबे समय तक सरकार चलाई.
1980 के दशक में क्षेत्रीय राजनीति मजबूत हुई और Asom Gana Parishad ने असम आंदोलन के बाद सत्ता हासिल की. इसके बाद राज्य में कभी कांग्रेस तो कभी क्षेत्रीय दलों की सरकार बनती रही.
2016 के चुनाव के बाद बीजेपी ने राज्य की राजनीति में मजबूत एंट्री की और पहली बार सरकार बनाई. तब से असम की राजनीति में भाजपा प्रमुख ताकत बनकर उभरी है.
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